UP : यूपी के बहराइच के बहुचर्चित रामगोपाल हत्याकांड के एक दोषी सरफराज को फांसी की सजा सुनाई गई, वहीं बाकी 9 दोषियों को उम्रकैद की सजा मिली। वहीं, हत्यारे को 1-1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। इससे पहले सभी 10 अभियुक्तों को दोषी करार दिया गया था। करीब 14 महीने बाद यह फैसला आया। यहां याद दिला दें कि बीते साल 13 अक्तूबर को बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। उस काली रात का नाम लेते ही रामगोपाल की मां मुन्नी देवी की आंखें भर आती हैं। आवाज गले में अटक जाती है और बस सिसकियां रह जाती हैं। पत्नी रोली मिश्रा, जिनकी आंखों ने इतने महीनों से सिर्फ न्याय का इंतजार देखा है। पिता कैलाशनाथ मिश्र की हालत आज भी नाजुक है। मेडिकल कॉलेज में भर्ती, सांसें लड़खड़ातीं लेकिन बेटे की याद अटल है। वहीं, बड़ा बेटा हरमिलन मिश्र, जो खुद टूट चुका है, लेकिन परिवार का सहारा बनकर डटा हुआ है।
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