Bihar : बिहार के कैमूर के रामगढ़ थाना क्षेत्र का डहरक गांव में एक ऐसी वारदात हुई, जिसके बारे में जिसने भी जाना-सुना सबको झकझोर दिया। बीते 10 मई की सुबह मोहनिया-रामगढ़ मार्ग पर दुर्गावती नदी पुल के नीचे पड़े दो लावारिस सूटकेसों ने पूरे इलाके में खौफ फैला दिया। जब पुलिस ने सूटकेस खोले, तो अंदर इंसानी शरीर के कटे हुये अंग पड़े थे। दृश्य इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी तक सिहर उठे। लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई ,“आखिर कौन है, जिसने इतनी बेरहमी दिखाई?” लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई…
दो दिन बाद फिर मिला मौत का मंजर
12 मई को अभयदेय गांव के पास नहर किनारे दो बोरों में फिर इंसानी अंग बरामद हुये। धीरे-धीरे पुलिस की जांच आगे बढ़ी और सामने आया ऐसा सच, जिसने पूरे कैमूर को हिला दिया। ये शव रामगढ़ थाना क्षेत्र के डहरक गांव निवासी कृष्ण मुरारी गुप्ता, उनकी पत्नी दुर्गेश कुमारी और दो मासूम बच्चों के थे। कैमूर SP हरिमोहन शुक्ला ने मीडिया के सामने खुलासा किया कि इस वीभत्स हत्याकांड का मास्टरमाइंड कोई दुश्मन नहीं, बल्कि मृतक का अपना छोटा भाई विकास गुप्ता था। उसके साथ राहुल उर्फ गौतम, दोस्त दीपक राजपूत और परिवार के अन्य सदस्य भी शामिल थे। वहीं, इस खूनी साजिश में मृतक की मां का नाम भी सामने आया है।
घर के झगड़े ने ले ली चार जिंदगियां
पुलिस के मुताबिक परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा था। अक्सर झगड़े होते थे। मारपीट तक की नौबत आती थी। बीते 5 मई को कृष्ण मुरारी गुप्ता और उनकी मां के बीच फिर विवाद हुआ। गुस्से में मां ने महाराष्ट्र में काम कर रहे बेटे विकास गुप्ता को फोन किया। बस, उसी फोन कॉल ने पूरे परिवार को उजाड़ दिया।
मौत की स्क्रिप्ट पहले ही लिखी जा चुकी थी
महाराष्ट्र से लौटते वक्त विकास अपने दोस्त दीपक राजपूत को साथ लेकर आया। रास्ते भर एक ही योजना बनती रही, “अब कृष्ण मुरारी जिंदा नहीं बचेगा।” बीते 7 मई की रात घर के भीतर खून का ऐसा खेल खेला गया, जिसे सुनकर रूह कांप जाये। पहले कृष्ण मुरारी गुप्ता की चाकू से हत्या की गई। पत्नी दुर्गेश ने यह देखा तो जान बचाने भागीं, लेकिन उन्हें भी नहीं छोड़ा गया। उस वक्त दोनों बच्चे पढ़ने गये थे। जब लौटे, तो मां-बाप को खोजने लगे। लेकिन हत्यारों का दिल पत्थर बन चुका था। दोनों मासूमों को भी मौत के घाट उतार दिया गया।
18 टुकड़ों में काटे गये शव
हत्या के बाद आरोपियों ने दरिंदगी की सारी हदें पार कर दीं। चारों शवों को 18 टुकड़ों में काटा गया। फिर सूटकेस और बोरों में भरकर स्कूटी से नदी और नहर किनारे फेंक दिया गया। कैमूर पुलिस ने विकास गुप्ता की निशानदेही पर दो कटे हुये सिर, हत्या में इस्तेमाल चाकू, देसी कट्टा, कारतूस, स्कूटी और लोहे का फाइटर बरामद किया है। कैमूर का यह हत्याकांड टूटते रिश्तों, बिखरते परिवारों और खत्म होती संवेदनाओं की सबसे दर्दनाक कहानी बन गया है।
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