Gumla : गुमला के एक छोटे से गांव में अंधविश्वास ने फिर एक जिंदगी निगल ली। गुमला के सदर थाना क्षेत्र के मुरकुंडा पंचायत स्थित कोटेनगसेरा गांव में डायन-बिसाही के इल्जाम में 64 साल के पालु खड़िया की जान चली गई, वहीं, उनकी पत्नी सुगी देवी पूरी रात मौत के साये से बचने के लिये गांव के आसपास छिपती रहीं। ग्रामीणों के अनुसार, गांव के बहुरा उरांव के परिवार के कुछ सदस्य पिछले दिनों से बीमार थे। बीमारी का कारण जानने के लिये उसने एक भगत को बुलाकर झाड़फूंक करवाई। आरोप है कि झाड़फूंक के दौरान भगत ने पालु खड़िया और उनकी पत्नी सुगी देवी पर डायन-बिसाही करने का इल्जाम लगा दिया। बस यहीं से एक परिवार की जिंदगी पर संकट टूट पड़ा।
घर बुलाया और शुरू कर दी बेरहम पिटाई
परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि बहुरा उरांव ने पति-पत्नी को अपने घर बुलाया। वहां उन पर डायन होने का आरोप लगाते हुये मारपीट शुरू कर दी गई। पालु खड़िया को इतनी बेरहमी से पीटा गया कि वे गंभीर रूप से घायल हो गये। ग्रामीण बताते हैं कि मारपीट के दौरान उन्हें दीवार पर पटक दिया गया। सिर में गंभीर चोट लगने के बाद वे बेहोश होकर गिर पड़े। वहीं उनकी पत्नी सुगी देवी को भी नहीं बख्शा गया। जब हालात बेकाबू हो गए तो सुगी देवी ने किसी तरह अपनी जान बचाने की कोशिश की। वह वहां से भाग निकलीं। आरोप है कि कुछ लोगों ने उनका पीछा भी किया, लेकिन रात के अंधेरे ने उन्हें बचा लिया। डर, दहशत और अनिश्चितता के बीच उन्होंने पूरी रात गांव के आसपास अलग-अलग जगहों पर छिपकर बिताई। हर आहट उन्हें मौत के करीब लग रही थी। सुबह जब सुगी देवी घर पहुंचीं तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। बिस्तर पर उनके पति पालु खड़िया मृत पड़े थे। खबर है कि महिला के भाग जाने के बाद गंभीर रूप से घायल पालु खड़िया को घर लाकर छोड़ दिया गया था। रातभर उन्हें कोई इलाज नहीं मिला। हालत बिगड़ती गई और आखिरकार उनकी मौत हो गई। पति का बेजान शरीर देखकर सुगी देवी की चीखों से पूरा इलाका गूंज उठा। इसके बाद पड़ोसियों को घटना की जानकारी दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस जांच में जुट गई। घटना के बाद मुख्य संदेही गुनहगार बहुरा उरांव गांव छोड़कर फरार हो गया है।
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