Chouparan(Krishna Paswan) : जहां बच्चों के लिए सवेरे-सवेरे खिलखिलाहटें गूंजनी थीं, वहां दरवाजे बंद थे और सन्नाटा पसरा था। चौपारण प्रखंड के मुख्यालय स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में गुरुवार को अचानक की गई CO संजय यादव की जांच ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी। मुख्यालय जैसे संवेदनशील इलाके में केंद्र का बंद पाया जाना, “चिराग तले अंधेरा” की कहावत को हकीकत में बदलता नजर आया। CO यादव और परियोजना पदाधिकारी कुमार यादव की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई में तत्काल प्रभाव से सेविका और सहायिका का वेतन रोक दिया गया है।
सीओ ने सख्त लहजे में कहा –“यह केवल एक लापरवाही नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। अब अगर दोबारा ऐसा हुआ तो सिर्फ वेतन नहीं, सेवा भी जायेगी।” इस निरीक्षण के बाद अन्य केंद्रों में भी अचानक चौकसी बढ़ गई है। कर्मियों में हलचल है, और हर केंद्र अब समय पर खुलने लगा है — मानो हर कोना कह रहा हो, अब कोई चूक नहीं होगी…।
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