कोहराम लाइव डेस्क : हम बराबर सुनते आए हैं कि मां का दूध शिशु के लिए अमृत के समान है। विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी वर्ल्ड हेल्थ आर्गनाइजेशन के साथ दुनिया के डॉक्टरों की राय में शिशु की सेहत के लिए कम से कम छह माह तक मां का दूध पिलाना अति आवश्यक है। हाल के वैज्ञानिक रिसर्च से यह तथ्य सामने आया है कि मां का दूध शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युनिटी बढ़ाने में कई तरह से फायदेमंद है। वास्तव शिशु के लिए इम्युनिटी बूस्टर के समान है।
Read More : अधिक फ्रक्टोज युक्त डाइट लेने से घटने लगेगा इम्युनिटी पावर, जानें और खतरे
बीमारियों से बचाने वाले वैक्सीन के समान
मां के दूध में कई तरह के फायदेमंद बैक्टीरिया पाए जाते हैं। ये बैक्टीरिया मां के दूध के माध्यम से बच्चे के शरीर में पहुंचते हैं। ये नवजात के लिए इम्युनिटी और मेटाबॉलिज्म बूस्टर शॉट यानी बीमारियों से बचाने वाले टीके की तरह काम करता है। कनाड़ा के ‘फ्रंटियर्स इन माइक्रोबायोलॉजी’ नाम के जर्नल में विस्तार से इसकी जानकारी दी गई है।
Read More : पोषक तत्वों से भरपूर होता है लहसुन, जानें इसके सेवन के फायदे
हाई रिजाल्यूशन इमेजिंग तकनीक का उपयोग
ब्रेस्ट मिल्क में मौजूद माइक्रोबायोम यानी गुड बैक्टीरिया के बारे में अधिक जानने के लिए वैज्ञानिकों ने हाई-रिजॉल्यूशन इमेजिंग तकनीक का उपयोग करके ब्रेस्ट मिल्क के सैंपल का विश्लेषण किया। इस दौरान वैज्ञानिकों ने 6 से 46 दिन के बीच के ब्रेस्ट मिल्क की तुलना 109 से 184 दिन के बीच के ब्रेस्ट मिल्क से की। ऐसा करने से वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद मिली कि ब्रेस्ट मिल्क में मौजूद गुड बैक्टीरिया में समय के साथ क्या बदलाव होता है और वह नवजात शिशु की सेहत पर इसका किस प्रकार प्रभाव पड़ता है।
Read More : इम्युनिटी पावर बढ़ाता है नींबू का अचार, और भी जानें फायदे












