New Delhi : दक्षिण-पश्चिम मानसून ने इस साल समय से पहले दस्तक दे दी है। IMD ने पुष्टि की है कि मानसून 13 मई को ही अंडमान सागर, दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और निकोबार द्वीप तक पहुंच गया है। जबकि आमतौर पर यह 18-19 मई के आसपास आता है। पिछले दो दिनों से अंडमान-निकोबार में झमाझम बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने बताया कि समुंदर की सतह से 1.5 से 4.5 किमी ऊपर तक तेज पश्चिमी हवाएं चल रही हैं और आसमान में बादलों की मोटी परत नजर आ रही है—ये सब मानसून की मजबूत शुरुआत के संकेत हैं। पर्यावरण विशेषज्ञ मनु सिंह का कहना है कि इतनी जल्दी मानसून का आना इस साल देश में “औसत से ज्यादा बारिश” की संभावना को दिखाता है। IMD का अनुमान है कि मानसून 27 मई तक केरल में पहुंच सकता है जो आमतौर पर 1 जून को पहुंचता है।
चक्रवात की हलचल भी
इस बीच, बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवाती सिस्टम बनने के संकेत मिल रहे हैं। IMD ने निगरानी बढ़ा दी है क्योंकि ऐसे सिस्टम बारिश की तीव्रता और दिशा दोनों को प्रभावित कर सकते हैं।
क्या असर होगा
देश के कई हिस्से भीषण गर्मी से जूझ रहे हैं। ऐसे में समय से पहले आया मानसून लोगों को राहत देगा और खेती-बाड़ी को नई रफ्तार मिल सकती है। IMD का दीर्घकालिक अनुमान भी यही कहता है कि 2025 में मानसून सामान्य से बेहतर रहेगा।
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