Kohramlive : “मैं डॉक्टर हूं, सेवा मेरा धर्म है, झारखंड के हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलेगा। पैसा खत्म हुआ तो मरीज को रेफर? नहीं चलेगा ये अमानवीय खेल। अब हर अस्पताल को लेनी होगी इलाज की पूरी ज़िम्मेदारी। मरीज सिर्फ नंबर नहीं, वो किसी का बेटा, किसी की मां है। हमारे पास 31,000 बेड हैं, लेकिन जरूरत है 1,13,000 की। निजी और सरकारी दोनों मिलकर ये फासला पाटेंगे।” यह कहना है स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का। मौका था आयुष्मान भारत, मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना एवं अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा कार्यशाला का। यह कार्यशाला रांची के एक होटल में मंगलवार को हुई। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने ऐलान किया कि “बीमार को इलाज, गरीब को सहारा और हर घर को सुकून, यही है सरकार की असली सेवा।” मंत्री ने कहा कि राज्य की स्वास्थ्य तस्वीर बदल रही है, अब कम हो रहे हैं मातृ और शिशु मृत्यु दर के आंकड़े। मंत्री ने कहा कि “अगर कोई दिक्कत हो तो सीधे उनसे संपर्क करें। “हमारी प्राथमिकता है, हर रोगी का सम्मान और हर अस्पताल में मानवता।” डॉ. इरफान अंसारी ने कहा सभी प्राइवेट अस्पताल करें गाइडलाइन का 100% पालन, छोटे अस्पतालों को मिलेगी ट्रेंड स्टाफ की सुविधा एवं आयुष्मान, राज्यकर्मी स्वास्थ्य बीमा और वय वंदन योजना में सभी शामिल हो। जिलों से आये सिविल सर्जन, छोटे-छोटे अस्पतालों के प्रतिनिधि और अधिकारी सब एक मंच पर थे, एक मकसद से “स्वस्थ झारखंड, समृद्ध झारखंड।”
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