Ranchi(Akhilesh Kumar) : राजधानी रांची से सटे नामकुम के खरसीदाग ओपी क्षेत्र स्थित लालखटंगा रिंग रोड पुल के पास हुये दर्दनाक सड़क हादसे ने सामलौंग की खुशियों को मातम में बदल दिया। हादसे में सामलौंग सरना लाइन में रहनेवाले 37 साल के अनुराग भुटकुमार और 20 साल के निषित मिंज की मौत हो गई। मंगलवार सुबह जब हादसे की खबर गांव पहुंची तो पूरे इलाके में सन्नाटा छा गया।
रातभर सड़क किनारे पड़े रहे दोनों दोस्त
स्थानीय लोगों की सूचना पर सुबह पुलिस घटनास्थल पहुंची। दोनों युवकों के शव और क्षतिग्रस्त बाइक को कब्जे में लेकर थाना ले जाया गया। शुरूआती जांच में माना जा रहा है कि बाइक डिवाइडर से टकरा गई थी। आशंका है कि किसी वाहन के अचानक सामने आने या चकमा देने से बाइक अनियंत्रित हो गई और दोनों युवक हादसे का शिकार हो गये। परिजनों के अनुसार दोनों दोस्त बीते सोमवार रात करीब आठ बजे बाइक से लालखटंगा गये थे। वहां निषित का एक रिश्तेदार रहता है। रिश्तेदार से मिलकर लौटने के दौरान देर रात यह हादसा हो गया। निषित और अनुराग जिगरी दोस्त थे। दोनों अपने-अपने परिवार की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। निषित नामकुम औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक मसाला फैक्ट्री में काम करता था, वहीं, अनुराग सामलौंग की एक नर्सरी में कार्यरत था। दोनों की कमाई से ही घर का खर्च चलता था।
“मां, हम आकर अंडा खा लेंगे…”
इस हादसे की सबसे मार्मिक तस्वीर निषित के घर से सामने आई। सोमवार रात जब निषित घर से निकल रहा था, तब उसकी मां रोशनी मिंज ने प्यार से कहा,”बेटा, अंडा बना है, खाकर जाओ।” मां की बात सुनकर निषित मुस्कुराया। उसने अपनी मां को प्यार से गोद में उठाया, बेड पर सुलाया और कहा, “मां, हम अभी आ जायेंगे, तब तक तुम आराम करो, आकर खा लेंगे।” लेकिन मां का इंतजार कभी खत्म नहीं हुआ।
“जल्दी आओ बेटा…”
उधर रात करीब 10 बजे जब अनुराग घर नहीं पहुंचा तो उसकी मां सुनीता भुटकुमार ने बेटे को फोन किया। ममता भरी आवाज में बोलीं, “बेटा, जल्दी आओ, कितना देर लगेगा?” फोन के दूसरी तरफ से अनुराग ने जवाब दिया, “बस मां, आ रहे हैं।” यह मां-बेटे की आखिरी बातचीत साबित हुई। कुछ देर बाद दोनों के मोबाइल बंद हो गये। घरवालों ने सोचा कि शायद रिश्तेदार के यहां रुक गये होंगे। लेकिन मंगलवार सुबह जो खबर आई, उसने दोनों परिवारों की दुनिया उजाड़ दी।
पहले पिता का साया छिना, अब बेटे भी चले गये
निषित और अनुराग दोनों अपने परिवार में छोटे बेटे थे। दोनों के पिता का पहले ही निधन हो चुका था। घर की आर्थिक जिम्मेदारी इन दोनों युवकों के कंधों पर थी। अब उनकी मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। दोनों की मांएं बेसुध हैं और बार-बार अपने बेटों का नाम लेकर रो पड़ती हैं। इस दर्दनाक हादसे के बाद सामलौंग सरना लाइन में शोक की लहर है। मोहल्ले के लोग और रिश्तेदार लगातार दोनों परिवारों के घर पहुंच रहे हैं। समाजसेवी एवं भाजपा नेता प्रभुदयाल बड़ाईक तथा पूर्व पार्षद पूनम देवी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुये राज्य सरकार से दोनों पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
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