खूंटी : भाकपा माओवादी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे। जिसकी पृष्ठभूमि तैयार की जा रही थी। माओवादियों के द्वारा पुलिस को क्षति पहुंचाने की भी व्यापक तैयारी कर ली गई थी। लेकिन इससे पहले पुलिस ने माओवादियों के पांच सक्रिय सहयोगियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का भंडाफोड़ कर दिया। गिरफ्तार भाकपा माओवादियों में मदिराय मुंडू, राम मुंडा उर्फ डॉक्टर, बिनसाय मुंडा, सनिका मुंडू उर्फ डोंडा और टेपा मुंडा उर्फ हाथीराम शामिल है।
मामले का खुलासा करते हुए खूंटी एसपी आशुतोष शेखर ने बताया कि गिरफ्तार पांचों कुख्यात उग्रवादी भाकपा माओवादियों के सक्रिय सदस्य हैं। इनमें से 20-20 लाख के इनामी अमित मुंडा, प्रभात मुंडा उर्फ मुखिया और संतोष महतो उर्फ दिलीप दस्ते के माओवादी बताए गए हैं। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ माओवादी कुख्यात अमित मुंडा दस्ते के साथ जिवरी जंगल में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए जुटे हैं। इसी सूचना के आधार पर खूंटी पुलिस ने भाकपा माओवादी रिजनल कमेटी के हार्डकोर माओवादी अमित मुंडा दस्ते के 5 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
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पुलिस ने गिरफ्तार माओवादियों के पास से माओवादी पर्चा, बैनर, बम बनाने का सामान, 3 डेटोनेटर, बूस्टर, सेफ्टी फ्यूज, हाई पावर बजर, टेस्टर, बैटरी कनेक्टर, 12 बैटरी, बाइक और इलेक्ट्रिक वायर समेत कई अन्य सामान बरामद किया है। गिरफ्तार भाकपा माओवादियों ने पुलिसिया पूछताछ में स्वीकार किया है कि सितंबर महीने में खूंटी के बाजारटांड़ और कचहरी मैदान में उसने पोस्टरबाजी की थी, साथ ही जून-जुलाई महीने में स्थानीय युवकों को माओवादी संगठन में जोड़ने के लिए कई बैठकें भी आयोजित की थी।

डीसी-एसपी आवास से सटे सरकारी क्वाटर में रहता था बिनसाय
बिनसाय द्वारा नक्सलवाद, अफीम और पत्थलगड़ी के खिलाफ बोलने के कारण उसके जान को खतरे की संभावना थी। इस कारण जिला प्रशासन और पुलिस ने उसे गांव में नहीं रहने की सलाह दी थी। प्रशासन द्वारा ही उसे डीसी और एसपी आवास से सटे जलपथ प्रमंडल के खाली पड़े आवास में रहने की इजाजत दी गई थी। जहां वह पिछले चार-पांच सालों से सपरिवार रहता आ रहा था। इस संबंध में एसपी ने कहा कि पूर्व में उसकी क्या भूमिका रही थी यह महत्वपूर्ण नहीं है। लेकिन वर्तमान में यह माओवादियों का सहयोगी बना था और मुख्य सहयोगी के रूप में इसका चेहरा सामने आया है।
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ऐसे हुई गिरफ्तारी
माओवादियों की हाल में सोयको और अड़की थाना क्षेत्रों में गतिविधियां बढ़ गई है। उनके द्वारा कोलमे गांव के पास अपने ही सहयोगी ओंडो मुंडा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। जिसके बाद से ही पुलिस ने माओवादियों की गतिविधियों के खिलाफ अभियान शुरू किया। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली थी कि माओवादियों जीवरी-बुरूडीह जंगल के आसपास भ्रमणशील हैं। इस सूचना पर एसपी ने टीम का गठन कर सर्च ऑपरेशन के दौरान सभी को गिरफ्तार कर लिया।
टीम का नेतृत्व एएसपी रमेश कुमार कर रहे थे। टीम में एसएसबी 26वीं बटालियन के उपकमांडेंट अजय कुमार बाजपेयी, एसडीपीओ आशीष कुमार महली, एसएसबी के सहायक कमांडेंट अजीत कुमार उपाध्याय, पुलिस सर्किल इंस्पेक्टर राधेश्याम दास, एसएसबी के इंस्पेक्टर नीरज मिश्रा, सोयको थाना के रोशन कुमार सिंह समेत जिला बल के आठ सब इंस्पेक्टर, एसएसबी के तीन उपनिरीक्षक, चार सहायक उपनिरीक्षक और सोयको थाना के जवान, एसडीपीओ के अंगरक्षकों और एसएसबी के जवानों को शामिल किया गया था।
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