खूंटी (जंगल से डायरेक्ट कोहराम लाइव की सीनियर रिपोर्टर रूपम और फोटोग्राफर धीरज) : करीब ढाई दशक से झारखंड पुलिस की नींद हराम कर देने और न जाने कितने पुलिस-पब्लिक और नेता को मौत के घाट उतार देने वाला 25 लाख का इनामी PLFI सुप्रीमो दिनेश गोप की पहली बार तस्वीर सामने आई है। यह तस्वीर झारखंड पुलिस के एक आईपीएस द्वारा आज ही उपलब्ध कराई गई है।
यहां याद दिला दें कि खूंटी में पुलिस मुठभेड़ में अपने बड़े भाई के मारे जाने के बाद गांव का छोटका छउआ के नाम से जाने जाने वाला दिनेश गोप हथियार थामा और निकल पड़ा जंगल की ओर। राह भटकते-भटकते बन गया पीएलएफआई का सुप्रीमो। झारखंड के 9 जिलों में आतंक का पहला नाम है दिनेश गोप। खुद हमेशा एक मारक दस्ता की हिफाजत में चलता है। उसकी हिफाजत में लगे दस्ते में शामिल उग्रवादी अत्याधुनिक हथियार और गोला-बारूद दागने में माहिर है।
रॉकेट लॉन्चर, एके-47, एके-56, एसएलआर, कारबाइन, ग्रेनेड और पिस्टल सहित कई उम्दा हथियार से लैस है उसके दस्ते में शामिल उग्रवादी। सब के सब हथियार चलाने में माहिर। वर्ष 2010 में रांची पुलिस एक रॉकेट लॉन्चर जब्त कर चुकी है। यह सदर थाना क्षेत्र से बरामद की गई थी। यह रॉकेट लॉन्चर दिनेश गोप तक पहुंचाने की फिराक में था सप्लायर। दिनेश गोप का जाल झारखंड सहित कई अन्य राज्यों में इतना तगड़ा और मजबूत हो गया है कि उसे भेद पाना पुलिस के लिए मुश्किल जरूर है पर शायद अब नामुमकीन नहीं।
जंगल में घुसी पुलिस, मिलते ही ठोक देंगे
तमाड़ से सटे एक जंगल में पूरे लाव-लश्कर के साथ घुसी रांची पुलिस। तलाश है 25 लाख के इनामी पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप की। पुलिस को सूचना मिली है कि चाईबासा के बंदगांव जंगल में मुठभेड़ के बाद बच निकल कर भागा दिनेश हो न हो इस जंगल में छुपा हो। खोज अभियान में शामिल एक जाबांज जवान ने बस हौले से इतना कहा, मिलते ही ठोक देंगे, सारा झंझट-फसाद खत्म। वहीं अभियान की अगुवाई कर रहे रूरल एसपी मो. नौशाद आलम ने जो कुछ कहा सुनिये उनकी जुबानी।
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