Kohramlive : कारोबारी केतन अग्रवाल की लोहगढ़ किले की 400 फीट गहरी खाई में मौत के मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नये और चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस का दावा है कि मुख्य संदेही गुनहगार सिया गोयल के पास से बरामद दूसरे मोबाइल फोन और उसकी इंटरनेट हिस्ट्री से हत्या की कथित साजिश से जुड़े कई अहम डिजिटल सुराग मिले हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, इन सबूतों से यह संकेत मिलता है कि घटना से पहले आरोपी सिया ने इंटरनेट पर कई ऐसी जानकारियां खोजी थीं, जिन्हें पुलिस अब जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा मान रही है।
इंटरनेट पर क्या-क्या खोज रही थी सिया?
पुलिस ने मीडिया को बताया कि मोबाइल की जांच में सामने आया कि सिया एक चर्चित हत्याकांड के बारे में लगातार जानकारी जुटा रही थी। जांच में यह भी सामने आया कि उसने गूगल पर यह सवाल भी खोजा था कि “क्या पुलिस हिरासत में महिलाओं के साथ मारपीट होती है?” पुलिस का मानना है कि ये सर्च पैटर्न जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं, हालांकि इनकी कानूनी पुष्टि अदालत में पेश किये जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर होगी। पुलिस जब सिया को उसके घर लेकर पहुंची तो उसके बेडरूम से एक दूसरा मोबाइल फोन बरामद किया गया। फॉरेंसिक जांच में इस फोन से कई डिजिटल जानकारियां मिली हैं। जांच में यह भी दावा किया गया है कि इस कांड के दूसरे आरोपी चेतन चौधरी एक ही फोन में दो अलग-अलग नंबर इस्तेमाल करता था और दोनों बातचीत के दौरान कोड वर्ड्स का इस्तेमाल करते थे, ताकि किसी को संदेह न हो।
हत्या के अगले दिन पहुंची मृतक के घर, जताया था दुख
पुलिस के अनुसार, 18 जून को घटना के बाद अगले ही दिन सिया मृतक के घर पहुंची और परिवार से मुलाकात कर शोक व्यक्त किया। जांच अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तारी से पहले तक दोनों आरोपी सामान्य दिनचर्या में लगे रहे। फिलहाल दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और उन्हें यरवदा जेल भेजा गया है।
19 दिनों में रची गई थी कथित साजिश, पुलिस का दावा
पुलिस की जांच के अनुसार, इस कथित साजिश की शुरुआत 31 मई से हुई। जांच में दावा किया गया है कि 31 मई को लोहगढ़ किले की यात्रा के दौरान कथित योजना बनी। बाद में विदेश यात्रा टालने के लिये केतन का पासपोर्ट कथित रूप से छिपा दिया गया। बीते 14 जून को पहली बार खाई में धक्का देने की कोशिश हुई, लेकिन केतन बच निकला। 18 जून को प्री-वेडिंग फोटोशूट के बहाने दोबारा लोहगढ़ किला ले जाया गया, जहां पुलिस के अनुसार चेतन चौधरी पहले से मौजूद था और दोनों ने मिलकर केतन को गहरी खाई में धक्का दे दिया। इन आरोपों की पुष्टि का अंतिम निर्णय न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर होगा।
डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्यों पर टिकी जांच
पुणे पुलिस अब मोबाइल फोन से मिले डिजिटल डेटा, फॉरेंसिक रिपोर्ट, घटनास्थल से जुटाये गये साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर मामले को मजबूत करने में जुटी है। जांच एजेंसियों का कहना है कि सभी पहलुओं की वैज्ञानिक तरीके से जांच की जा रही है, ताकि अदालत में ठोस साक्ष्य पेश किये जा सकें।
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