Ranchi : रांची के रातू रोड के मधुकम इलाके में 50-60 सालों से रह रहे 12 गैर-आदिवासी परिवारों को झारखंड हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने पहले जारी अतिक्रमण हटाने का आदेश वापस ले लिया। साथ ही याचिकाकर्ता महादेव उरांव पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। यह राशि 12 प्रभावित परिवारों को एक-एक लाख रुपये के हिसाब से दी जायेगी।
कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता ने महत्वपूर्ण तथ्य छिपाये, भ्रामक शपथ पत्र दाखिल किया और अदालत को गुमराह करने की कोशिश की। इसे न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग मानते हुये अदालत ने कड़ी नाराजगी जताई। महादेव उरांव ने अवमानना याचिका दायर कर हेहल अंचलाधिकारी को अतिक्रमण हटाने का आदेश लागू कराने की मांग की थी। इसी के आधार पर प्रशासन ने खादगढ़ा शिवदुर्गा मंदिर रोड के पास बने 12 मकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू की थी।
सुनवाई के दौरान खुलासा हुआ कि याचिकाकर्ता ने एक करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय लेनदेन की जानकारी अदालत से छिपाई थी। इतना ही नहीं, जिन 12 परिवारों पर कार्रवाई होनी थी, उन्हें मूल याचिका में पक्षकार भी नहीं बनाया गया था। प्रभावित परिवारों का कहना था कि उन्होंने प्रति डिसमिल 5.25 लाख रुपये देकर जमीन खरीदी थी और दशकों से वहीं मकान बनाकर रह रहे हैं। बावजूद इसके उन्हें अवैध कब्जाधारी बताकर हटाया जा रहा था। हाईकोर्ट ने साफ कहा कि तथ्य छिपाकर न्यायालय से राहत नहीं ली जा सकती। किसी भी पक्ष को न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
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