Bihar : भागलपुर के घोघा थाना क्षेत्र से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने रिश्तों, भरोसे और परिवार की तस्वीर पर दर्द की गहरी लकीर खींच दी है। दो लालची बेटियों पर इल्जाम है कि उन्होंने कागजों में अपने जिंदा पिता को “मृत” घोषित कर उनकी जमीन बेच दी। यह मामला घोघा थाना क्षेत्र के जानीडीह गांव का है, जहां वृद्ध बुनेल यादव अब न्याय की आस लेकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।
“मैं जिंदा हूं, फिर भी कागजों में मार दिया गया”
पीड़ित बुनेल यादव ने अनुमंडल पदाधिकारी कहलगांव को आवेदन देकर पूरी घटना की शिकायत की है। वृद्ध पिता का कहना है कि मुझे बेटा नहीं है। सिर्फ दो बेटियां हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। पत्नी की मौत करीब 20 साल पहले हो गई। अब मेरी ही जमीन मुझे बिना बताये बेच दी गई और कागजों में मुझे मृत दिखा दिया गया। बुनेल यादव के अनुसार, उनकी खतियानी जमीन मौजा शंकरपुर कोदवार में स्थित है। 14 डिसमिल जमीन का विवरण भी आवेदन में दिया गया है। इसी जमीन को लेकर पूरा विवाद खड़ा हुआ। बुजुर्ग बुनेल यादव ने इल्जाम लगाया है कि उनकी मर्जी के बिना पारिवारिक बंटवारा तैयार कर लिया गया। सबसे बड़ी बात यह कि उस दस्तावेज में न उनका हस्ताक्षर है और न ही अंगूठे का निशान। उन्होंने कहा कि मुझे हिस्सेदार तक नहीं बनाया गया, जबकि मेरी दोनों बेटियों को हिस्सेदार दिखा दिया गया। बुनेल यादव ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटियों प्रीति देवी और रेशमी देवी ने उन्हें मृत दिखाकर जमीन की रजिस्ट्री दूसरे व्यक्ति के नाम कर दी। उनका कहना है कि इसी हिस्सेदारी के आधार पर जमीन बेच दी गई। बुनेल यादव का कहना है कि अब उन्हें घर से भी निकाल दिया गया है।
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