Hazaribagh(Krishna Paswan) : ”हजारीबाग के बरही विधानसभा में ऐसे हजारों दिव्यांग भाई-बहन आज भी सरकारी दफ्तरों और कागजी प्रक्रियाओं के जाल में उलझे हुये हैं, जिन्हें अब तक अपना दिव्यांग प्रमाण पत्र तक नसीब नहीं हो पाया है। किसी के पास जानकारी का अभाव है, तो कोई शारीरिक मजबूरी के कारण जिला मुख्यालय तक पहुंच ही नहीं पाता। नतीजा यह है कि जरूरतमंद लोग सरकार की पेंशन, राशन, व्हीलचेयर, बैसाखी और कई जरूरी योजनाओं के लाभ से वंचित रह जा रहे हैं।” यह कहना है खोड़ाआहार पंचायत के उपमुखिया सह बरही प्रखंड उपमुखिया संघ के अध्यक्ष रोहित यादव का।
विधायक से लगाई पहल की गुहार
रोहित यादव ने बरही के विधायक मनोज कुमार यादव से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बरही विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऐसे दिव्यांग लोग हैं, जिनका अब तक सरकारी प्रमाण पत्र नहीं बन पाया है। रोहित यादव ने कहा कि “हम अपने विधायक जी से विनम्र आग्रह करते हैं कि वे जिला उपायुक्त को निर्देशित करें कि प्रखंड स्तर पर ‘ऑन स्पॉट’ जांच शिविर लगाये जायें। डॉक्टरों की टीम मौके पर ही दिव्यांगता की जांच कर प्रमाण पत्र जारी करे, ताकि जरूरतमंदों को राहत मिल सके।”
दफ्तरों के चक्कर काटना बन चुका है मजबूरी
रोहित यादव ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में रहने वाले दिव्यांगों के लिये जिला मुख्यालय तक जाना किसी संघर्ष से कम नहीं। कई लोगों के पास आने-जाने के साधन नहीं हैं। कुछ लोगों की माली हालत ठीक नहीं, तो कुछ शारीरिक रूप से इतने कमजोर हैं कि सफर करना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया उनके लिये पहाड़ जैसी चुनौती बन गई है। उपमुखिया संघ का मानना है कि अगर प्रखंड स्तर पर शिविर लगाये जाते हैं, तो हजारों दिव्यांगों की जिंदगी आसान हो सकती है। इससे दिव्यांगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, मौके पर ही मेडिकल जांच हो सकेगी, प्रमाण पत्र जल्दी जारी होंगे और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचेगा।
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