Ranchi : राजधानी रांची में आइसा समेत कई छात्र संगठनों ने NEET पेपर लीक, झारखंड में प्रस्तावित कॉलेज क्लस्टर सिस्टम और CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग व्यवस्था के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध इतना तीखा था कि करीब दो घंटे तक सड़कें जाम रहीं और शहर के कई इलाकों में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का सबसे बड़ा गुस्सा NEET पेपर लीक को लेकर था। छात्रों का कहना था कि लाखों युवा दिन-रात मेहनत करते हैं, परिवार सपने देखता है, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनायें उनकी पूरी मेहनत को बर्बाद कर देती हैं। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसियों के खिलाफ जमकर नारे लगाये। सड़कों पर “पेपर लीक बंद करो, छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो” जैसे नाके गूंजते रहे।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
आंदोलन के दौरान छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की। उनका आरोप था कि लगातार हो रही परीक्षा गड़बड़ियों ने देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं। छात्र नेताओं का कहना था कि जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक ऐसी घटनायें रुकने वाली नहीं हैं।
कॉलेज क्लस्टर सिस्टम पर भी भड़के छात्र
आंदोलन का दूसरा बड़ा मुद्दा झारखंड में प्रस्तावित कॉलेज क्लस्टर सिस्टम रहा। छात्र संगठनों ने इसे “छात्र विरोधी व्यवस्था” बताते हुये कहा कि इससे छोटे कॉलेजों की पहचान और स्वायत्तता खत्म हो जायेगी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ग्रामीण इलाकों के छात्रों को ज्यादा परेशानी होगी, स्थानीय भाषाओं की पढ़ाई प्रभावित होगी और क्षेत्रीय शिक्षा व्यवस्था कमजोर पड़ेगी। कई छात्रों ने कहा कि सरकार शिक्षा को आसान बनाने के बजाय और जटिल बना रही है।
CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग पर भी उठे सवाल
छात्रों ने CBSE की ऑन-स्क्रीन मार्किंग व्यवस्था पर भी सवाल उठाये। उनका आरोप था कि मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है और कई छात्रों को अंकन में गड़बड़ी का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों की मांग थी कि मूल्यांकन प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाये, ताकि मेहनत करने वाले छात्रों के साथ अन्याय न हो। आइसा झारखंड के राज्य सचिव त्रिलोकीनाथ ने मीडिया से कहा कि शिक्षा व्यवस्था लगातार अव्यवस्था की तरफ बढ़ रही है और छात्र खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और बड़ा होगा। वहीं छात्र नेता सृष्टि भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था को धीरे-धीरे कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा और नई नीतियों के जरिये शिक्षा को जटिल बनाया जा रहा है। खबर है कि झारखंड के कई जिलों में छात्र संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किये और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई।
इसे भी पढ़ें : सरकारी खजाने में सेंध, अब तेज हुई जांच…
इसे भी पढ़ें : CM हेमंत सोरेन का बड़ा ऐलान, इनके घरों पर चलेगा बुलडोजर… जानें
इसे भी पढ़ें : अब घर बैठे मिलेगा बाबा बैद्यनाथ का प्रसाद… कैसे जानें
इसे भी पढ़ें : DJ की धुन पर नाच रहा था गांव, रिश्तेदारों की दूरी बना खू’नी तूफान…
इसे भी पढ़ें : 20 करोड़ के मकान में मिली दो ला’शें, जिंदगी में कोई अपना नहीं!






