Kohramlive : भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में वर्ष 2026 एक सुनहरे अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। पहली बार ऐसा हुआ है जब देश के चार अलग-अलग उच्च न्यायालयों की कमान एक साथ चार महिला मुख्य न्यायाधीश संभाल रही हैं। पटना हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश के रूप में जस्टिस मीनाक्षी मदन राय की नियुक्ति के साथ यह ऐतिहासिक मुकाम हासिल हुआ। वे पटना हाईकोर्ट की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बनी हैं।
देश के चार हाईकोर्ट, चार महिला मुख्य न्यायाधीश
वर्तमान में देश के जिन चार उच्च न्यायालयों का नेतृत्व महिलायें कर रही हैं, उनमें पटना, गुजरात, मेघालय और आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट शामिल हैं।
- जस्टिस मीनाक्षी मदन राय – पटना हाईकोर्ट
- जस्टिस सुनीता अग्रवाल – गुजरात हाईकोर्ट
- जस्टिस रेवती मोहिते डेरे – मेघालय हाईकोर्ट
- जस्टिस लिसा गिल – आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
इन चारों न्यायाधीशों ने अपने-अपने न्यायिक करियर में कई महत्वपूर्ण और चर्चित फैसले दिये हैं।
35 साल पहले टूटी थी पहली दीवार
भारत में किसी हाईकोर्ट की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बनने का गौरव जस्टिस लीला सेठ को प्राप्त है। उन्होंने वर्ष 1991 में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदभार संभालकर इतिहास रचा था। उस दौर में जो शुरुआत हुई थी, वह आज एक नये मुकाम पर पहुंचती दिखाई दे रही है।
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