Ranchi(Kuldeep Tiwari) : रांची से सटे ओरमांझी प्रखंड के जयडीहा पंचायत के तहत गुरगाई स्थित बुढ़ीबागी गांव के ग्रामीणों के लिये पीने का पानी नसीब नहीं। हालात ऐसे हैं कि गांव के लोग बूंद-बूंद पानी के लिये दर-दर भटकने को मजबूर हैं। ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हर घर नल जल योजना के तहत गांव में लगाये गये दो जलमीनार अब बेकार है। ग्रामीणों के अनुसार, एक जलमीनार करीब दो वर्षों से खराब पड़ा हुआ है, वहीं, दूसरा पिछले दो महीनों से बंद है। नतीजा यह है कि पूरे गांव के लोगों को पीने का पानी के लिये तरसना पड़ रहा है।
आंधी में उड़ गया सोलर प्लेट, फिर नहीं लौटी पानी की धार
ग्रामीण बताते हैं कि एक जलमीनार का सोलर प्लेट आंधी में उड़ गया था। इसके बाद से वह पूरी तरह बंद पड़ा है। वहीं दूसरा जलमीनार भी लंबे समय से खराब है। गांव वालों का कहना है कि कई बार PHED विभाग को इसकी सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। विभागीय उदासीनता और अनदेखी के कारण करोड़ों रुपये की योजना गांव में दम तोड़ती नजर आ रही है। बुढ़ीबागी के ग्रामीण पुरन गंझू, तुलसी गंझू, विजय गंझू, संजय गंझू और नकुल बेदिया ने बताया कि जलमीनार बंद रहने के कारण लोगों को दूर-दराज के कुआं और डोभा से पानी लाना पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में यह परेशानी और बढ़ जाती है। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को पानी के लिये लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पीने का शुद्ध पानी नहीं मिलने के चलते अब सेहत भी खराब होने के खतरे बढ गये हैं।
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— KohramLive (@KohramLive) June 6, 2026
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