- नवंबर 2019 में महिला ने टॉयलेट क्लीनर का कर लिया था सेवन
- पेट को हुआ था स्टेज-4 का नुकसान
कोहराम लाइव डेस्क : कभी-कभी डॉक्टरी पेशे में डॉक्टरों को मरीज की परेशानी को दूर करने के लिए हैरत भरे काम भी करने पड़ते हैं। ऐसा मरीज की जिंदगी को बचाने के लिए आवश्यक होने पर करना पड़ता है। हम बात कर रहे हैं तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद की, जहां एक निजी अस्पताल में विशेषज्ञों (Specialist) की एक टीम ने एक साल से ज्यादा समय पहले टॉयलेट क्लीनर (Toilet Cleaner) का सेवन करने वाली 39 वर्षीय महिला मंजुला को नई जिंदगी दी है। अवेयर ग्लोबल हॉस्पिटल्स के डॉक्टरों ने उसकी जान बचाने के लिए पेट यानी डाइजेस्टिव सिस्टम को निकाल दिया। उल्लेखनीय है कि खम्मम की गृहिणी ने नवंबर 2019 में टॉयलेट क्लीनर का सेवन किया था, जिससे उसके पेट को स्टेज-4 का नुकसान हुआ था।
इसे भी पढ़ें :झारखंड स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक के पूर्व AGM खड़गपुर से गिरफ्तार
बाहरी पाइप के माध्यम से दिया जा रहा था भोजन
क्षतिग्रस्त आंतरिक अंगों वाली मरीज ने कई अस्पतालों का दौरा किया लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली। अंतत: वह अवेयर ग्लोबल हॉस्पिटल्स में गई, जहां सलाहकार गैस्ट्रो सर्जन डॉ. भूपति राजेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में डॉक्टरों की एक टीम ने उसे छह महीने से अधिक समय तक इलाज किया ताकि उसकी हालत शल्य प्रक्रिया के लिए उपयुक्त हो। इस बीच, रोगी को पेट के हिस्से के नीचे उसके पाचन तंत्र से जुड़े एक अंदरूनी अंग में बाहरी पाइप के माध्यम से भोजन दिया जा रहा था।
इसे भी पढ़ें :यमुना एक्सप्रेस वे पर भीषण दुर्घटना, कार में जिंदा जले पांच लोग
डॉक्टरों ने कहा, मरीज अब पूरी तरह ठीक
मरीज का खाना ट्रैक्ट यानी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट खराब हो गया और पीड़िता को बचाने के लिए उसका पेट काटना पड़ा। बड़ी सावधानी से मरीज की हालत स्थिर हो गई और घटना के 10 महीने बाद उसे सर्जरी के लिए तैयार किया गया। एक शल्य प्रक्रिया के माध्यम से, पीड़ित के पेट को हटा दिया गया। डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा, अब मरीज पूरी तरह से ठीक हो गई है और वह अब मुंह के माध्यम से सामान्य भोजन का सेवन करने में सक्षम है। यह पूरी प्रक्रिया एनेस्थिसियोलॉजिस्ट डॉ. मोहन से प्राप्त सहयोग से सफल रही।
इसे भी पढ़ें :राज्य के 8 IPS अधिकारियों को मिला प्रमोशन, जानिए किसे मिला कौन सा रैंक












