- हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की करसोग घाटी में है यह झील
कोहराम लाइव डेस्क : कुदरत की खूबसूरती की अनगिनत मिसालें इंसान की आंखों के सामने उपहार के रूप में भरी हुई हैं। इन मिसालों में झीलों की खूबसूरती खास होती है। नीली-नीली झीले में झलके नील गगन का रूप, बहे रंग के धारे। ये काव्यात्मक पंक्तियां शायर साहिर ने ‘मन की आंखें’ फिल्म के लिए लिखी थीं। खूबसूरती के साथ यदि किसी झील को लेकर कुछ रहस्य की बात शामिल हो जाए तो क्या कहना। यह और भी रोचक और रोमांचक विषय हो जाएगा। हैरत का अहसास तो कराएगा ही। जी हां, आज हम बात कर रहे हैं, ऐसी ही एक झील की जो खूबसूरत तो है ही, इसमें अकूत दौलत का खजाना भी छुपा है, जिसे निकालने की कोई हिम्मत नहीं करता। यह झील हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) की खूबसूरत वादियों के बीच बसी हुई है। यह कमरूनाग झील के नाम से प्रसिद्ध है।
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मंडी जिले की करसोग घाटी
यह झील हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले से 51 किलोमीटर दूर करसोग घाटी में मौजूद है। इस झील तक पहुंचने के लिए पहाड़ी रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है,जो बेहद ही मुश्किल रास्ता है।
कमरूनाग बाबा की प्राचीन मूर्ति
यहां पर कमरूनाग बाबा की पत्थर से बनी एक प्राचीन मूर्ति है। श्रद्धालु इस मूर्ति की पूजी करते हैं और कामना करते हैं। ऐसे कहा जाता है कि इस मूर्ति से जो भी कामना की जाती है, वह पूरी हो जाती है। उसके बाद श्रद्धालु खुश होकर इस झील में सोने और चांदी के जेवर चढ़ा जाते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक बाबा कमरूनाग यहां के लोगों को सालभर में एक बार दर्शन जरूर देते हैं। बाबा हर साल जून महीने में प्रकट होते हैं और अपने भक्तों के कष्टों का निवारण करते हैं।
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लोगों का दान किया सोना-चांदी
यहां पर जून महीने में विशाल मेले का आयोजन किया जाता है। इस खास मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन को पहुंचते हैं और मनचाहा वर प्राप्ति के लिए झील में सोने और चांदी के गहनें दान स्वरूप डाल देते हैं। यहां के लोगों की ऐसी धार्मिक मान्यता है कि जो भी इस झील में सोने और चांदी के गहने दान स्वरूप डालता है, उनकी बाबा सारी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। यहां पर सदियों से यह परंपरा निभाई जा रही है।
खजाना निकालने की कोशिश से हो जाता सर्वनाश
इसकी वजह से झील में करोड़ों-अरबों का खजाना इक्कट्ठा हो गया है। हालांकि कोई भी इस झील से गहनें निकालने की कोशिश नहीं करता। ऐसा माना जाता है कि अगर कोई ऐसा पाप करता है, तो उसका सर्वनाश हो जाता है। इसी डर से इस झील से कोई सोना या चांदी के गहने या अन्य सामान निकालने की कोशिश नहीं करता।
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