Kohramlive : अगर आपके बटुये में इंडसइंड बैंक का क्रेडिट कार्ड है, तो यह खबर सीधे आपकी जेब से जुड़ी है। बैंक ने अपने क्रेडिट कार्ड नियमों में ऐसे बदलाव किये हैं, जिनका असर लाखों ग्राहकों के मासिक बजट पर पड़ सकता है। नये नियम लागू हो चुके हैं और अब कार्ड का इस्तेमाल पहले की तुलना में अधिक महंगा साबित हो सकता है। बैंक की ओर से ब्याज, लेट पेमेंट, फ्यूल खर्च, ट्रांसपोर्ट सेवाओं और विदेशी लेनदेन से जुड़े नियमों में बदलाव किया गया है। ऐसे में कार्डधारकों को अब पहले से ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होगी।
मिनिमम ड्यू भरकर नहीं मिलेगी राहत
कई लोग पूरा बिल चुकाने के बजाय केवल “मिनिमम ड्यू” जमा कर राहत महसूस करते हैं। लेकिन अब यह तरीका महंगा पड़ सकता है। नये नियमों के तहत यदि ग्राहक पूरा बकाया नहीं चुकाते हैं, तो शेष राशि पर ब्याज तो लगेगा ही, साथ ही उन्हें तुरंत ब्याज-मुक्त अवधि (Interest Free Period) का लाभ भी नहीं मिलेगा। अब दोबारा यह सुविधा पाने के लिये लगातार दो बिलिंग साइकल तक पूरा भुगतान समय पर करना होगा।
देरी से बिल भरना पड़ेगा और महंगा
बैंक ने लेट पेमेंट फीस में भी बढ़ोतरी कर दी है। 501 रुपये से 1,000 रुपये तक के बकाये पर अब 350 रुपये की जगह 500 रुपये शुल्क लगेगा। 5,000 रुपये से 10,000 रुपये तक के बकाये पर 550 रुपये के बजाय 750 रुपये लेट फीस देनी होगी। हालांकि क्लब विस्तारा एक्सप्लोरर और पायनियर कार्डधारकों को इस शुल्क से राहत दी गई है।
पेट्रोल-डीजल भरवाने वालों को भी झटका
वाहन चलाने वालों पर भी असर पड़ने वाला है। अब यदि कोई ग्राहक एक महीने में 30 हजार रुपये से अधिक का पेट्रोल या डीजल खरीदता है, तो निर्धारित सीमा पार होने के बाद 1 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क और GST देना होगा। पहले यह सीमा 50 हजार रुपये थी, जिसे घटाकर 30 हजार रुपये कर दिया गया है। वहीं, कैब बुकिंग, बस-ट्रेन टिकट और टोल टैक्स पर अधिक खर्च करने वाले ग्राहकों के लिये भी नई व्यवस्था लागू की गई है। यदि इन सेवाओं पर एक माह में 40 हजार रुपये से ज्यादा खर्च होता है, तो अतिरिक्त 1 प्रतिशत शुल्क और GST देना पड़ेगा।
विदेशी खरीदारी पर दोगुना हुआ चार्ज
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विदेशी वेबसाइटों या विदेशी व्यापारियों से खरीदारी करने वाले ग्राहकों को अब ज्यादा भुगतान करना होगा। जनरल और टाइगर क्रेडिट कार्ड पर डायनेमिक करेंसी कन्वर्जन (DCC) शुल्क 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके ऊपर GST अलग से देना होगा। इधर, वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि अतिरिक्त शुल्क और ब्याज से बचने का सबसे आसान तरीका है कि क्रेडिट कार्ड का पूरा बकाया हर महीने नियत तिथि से पहले चुका दिया जाये। समय पर भुगतान न केवल अतिरिक्त खर्चों से बचाता है, बल्कि बेहतर क्रेडिट स्कोर बनाये रखने में भी मदद करता है।
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