Kohramlive : कभी-कभी अपराध की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से भी ज्यादा खौफनाक होती है। कर्नाटक के बेलगावी जिले हुई एक सनसनीखेज वारदात के बारे में जिसने भी जाना-सुना वे दंग रहे गये। एक पूर्व सैनिक की मौत को पहले सड़क हादसे और फिर हार्ट अटैक बताकर फाइल बंद करने की तैयारी थी, लेकिन एक सोशल मीडिया पोस्ट ने ऐसा राज खोल दिया जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि पूर्व सैनिक की मौत कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि उसकी पत्नी और उसके प्रेमी द्वारा रची गई एक सोची-समझी साजिश थी। इल्जाम है कि 2 करोड़ रुपये के बीमा दावे के लालच में अस्पताल के भीतर ही हत्या को अंजाम दिया गया।
मामूली बाइक हादसे से शुरू हुई कहानी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व सैनिक संदीप मंजरगी 13 मार्च को एक मामूली बाइक दुर्घटना में घायल हुये थे। उन्हें पहले हुक्केरी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में उनकी पत्नी सुमा मंजरगी उन्हें घाटाप्रभा स्थित एक निजी अस्पताल में ले गईं, जहां उनका इलाज चल रहा था। बीते 15 मार्च को अस्पताल ने संदीप को मृत घोषित कर दिया। शुरुआती मेडिकल रिपोर्ट में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी कथित तौर पर किसी विषैले पदार्थ के संकेत नहीं मिलने की बात कही गई, जिससे मामला सामान्य मौत की तरह दिखने लगा।
एक सोशल मीडिया पोस्ट से बदल गई पूरी जांच
संदीप के परिजनों को शुरू से ही मौत पर संदेह था। उनका कहना था कि दुर्घटना गंभीर नहीं थी और संदीप स्वस्थ थे। इसी बीच संदीप के दोस्त और बाद में मुख्य आरोपी बने पुंडलिक डोम्बर ने सोशल मीडिया पर एक संदिग्ध पोस्ट साझा किया। उसने सवाल उठाया कि मामूली हादसे में घायल व्यक्ति की अचानक मौत कैसे हो सकती है? पुलिस को यह पोस्ट असामान्य लगी। जांच आगे बढ़ी और पूछताछ के दौरान पूरी साजिश सामने आ गई।
दोस्ती से शुरू हुआ प्रेम संबंध
पुलिस जांच में सामने आया कि पुंडलिक और संदीप अच्छे दोस्त थे। दोनों ने मिलकर एक होटल व्यवसाय भी शुरू किया था। इसी दौरान संदीप की पत्नी और पुंडलिक के बीच प्रेम संबंध विकसित हो गये। जांच में यह भी सामने आया कि संदीप के नाम पर करीब 2 करोड़ रुपये की बीमा पॉलिसियां ली गई थीं। पुलिस का आरोप है कि इसी रकम को हासिल करने और रास्ते से बाधा हटाने के लिये हत्या की योजना बनाई गई।
सलाइन में जहर मिलाने का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, इलाज के दौरान संदीप को चढ़ाई जा रही सलाइन में जहरीला पदार्थ मिलाया गया। वहीं, उन्हें नींद की गोलियां भी दिये जाने का आरोप है। पुलिस का दावा है कि इस कथित साजिश में अस्पताल से जुड़े कुछ लोगों की भी भूमिका रही। मामले की जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि मौत के बाद फॉरेंसिक और मेडिकल रिकॉर्ड में हेरफेर करने की कोशिश की गई। पुलिस के मुताबिक, कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों को कथित रूप से रिश्वत देकर रिपोर्टों को प्रभावित करने का प्रयास किया गया ताकि मौत का वास्तविक कारण सामने न आ सके। जांच के दौरान पुलिस ने जहर के डिब्बे, सिरिंज, मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री भी जब्त की है। पुलिस ने मामले में अब तक कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें मृतक की पत्नी, उसका प्रेमी, एक आरएमपी चिकित्सक, लैब कर्मी, वैज्ञानिक अधिकारी और अन्य सहयोगी शामिल हैं। सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस मामले की विभिन्न कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है।
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