Patna : पटना के बेऊर जेल में बंद मोकामा के पूर्व विधायक अनंत सिंह को सिर्फ एक रात की रिहाई मिली है। अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने के लिये पैरोल मिली हैै। 30 अप्रैल को बेटी समान भतीजी का हाथ सजना है और अनंत सिंह, जिन्हें लोग छोटे सरकार कहकर पुकारते हैं, उस पल के गवाह बनेंगे। लेकिन 1 मई की सुबह फिर वही जेल की दीवारें उनका इंतजार करेंगी। जहां एक तरफ बारात सजेगी, शहनाइयां गूंजेंगी, वहीं दूसरी तरफ मन के किसी कोने में टिक-टिक करती घड़ी होगी, जो गिनती करेगी उस ‘एक रात’ की, जो शायद महीनों की कैद के बाद मिली है। कुछ दिनों से पटना के IGIMS अस्पताल में भर्ती अनंत सिंह ने कोर्ट में पैरोल की अर्जी दी थी। बस एक दिन, एक रात, अपनी भतीजी की डोली में शामिल होने के लिये। अदालत ने इजाजत दे दी। अब वो आज यानी 30 अप्रैल को मोकामा में हैं। और कल यानी 1 मई को फिर सरेंडर करेंगे। इसी साल जनवरी में नौरंगा गांव में जहां 60 से 70 राउंड गोलियां चलीं। AK-47 से फायरिंग के वीडियो वायरल हुये। पंचायती झगड़ा था… लेकिन जब छोटा सरकार पहुंचे, मामला गोलीबारी तक जा पहुंचा। अनंत सिंह इस केस में अब भी आरोपी हैं। और फिलहाल कैद की जिंदगी जी रहे हैं। अनंत सिंह वो नाम, जो सत्ता से भी बड़ा और कानून से भी टकराने वाला रहा है। छोटे सरकार मोकामा की राजनीति के सिरमौर माने जाते हैं। हाथी-घोड़े पालने वाला दिलदार, लेकिन कानून की किताबों में आरोपी। AK-47, हैंड ग्रेनेड, पंचायती झगड़े, राजनीतिक वर्चस्व, करोड़ों की संपत्ति, यह सब उनकी कहानी के किरदार हैं।
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