Hazaribagh(Sunil Sahu) : रामनवमी की चटक धूप में जब श्रद्धा के रंग बिखरे, तब हजारीबाग की धरती पर एक सलीकेदार, शांत और अनुशासित जुलूस ने इतिहास की चुप किताबों में एक सुनहरा पन्ना जोड़ा। इस व्यवस्था के पीछे थीं एक दृढ़ निश्चयी महिला DC नैन्सी सहाय। गुलाब की कोमलता और चट्टान की मजबूती साथ लेकर चलने वाली इस प्रशासक को झारखंड स्वतंत्रता सेनानी विचार मंच ने उस दिन एक स्मृति-चिन्ह देकर सम्मानित किया, जब शहर ने उन्हें अपने हृदय से सराहा।
प्रदेश अध्यक्ष बटेश्वर प्रसाद मेहता, सचिव मो. अजीब अंसारी शकील खान और सुधीर रविदास ने जब उनके हाथों में वह प्रतीक भेंट किया, तो वह सिर्फ एक सम्मान नहीं था – वह जनता की ओर से एक मौन प्रणाम था, उस प्रशासकीय संवेदनशीलता के लिए जिसने जुलूस को सौहार्द का उत्सव बना दिया। DC ने जब मंच से कहा, “यह सम्मान मेरी पूरी टीम का है,” तो हर आंख ने उनके भीतर छिपी एक नेता नहीं, बल्कि एक सहज मनुष्यता को पहचाना। उन्होंने आगे जोड़ा, “हमारा प्रयास रहेगा कि हर आयोजन शांति का पर्व बने – बिना किसी भय, बिना किसी विघ्न के।” हजारीबाग में यह लगातार चौथी बार था जब रामनवमी का उत्सव सौम्यता और अनुशासन की मिसाल बना – और यह संयोग नहीं, नेतृत्व की शक्ति थी।










