spot_img
spot_img
spot_img

Asha Tai : संघर्ष की धुन से बनी सुरों की मलिका… जानें

Date:

spot_img
spot_img
📖भाषा चुनें और खबर सुनें:
🎙️कोहराम LIVE रेडियो

Kohramlive : सुरीली आवाज की मलिका, हर एहसास को गीत में ढाल देने वाली महान गायिका आशा भोसले(Asha Tai) अब इस दुनिया में नहीं रहीं। 92 वर्ष की उम्र में उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में बीती रात आखिरी सांस ली। 8 सितंबर 1933 को महाराष्ट्र के सांगली की मिट्टी में जन्मी आशा ताई का रिश्ता जन्म से ही संगीत से था। उनके पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर खुद एक नामी शास्त्रीय गायक थे और बड़ी बहन लता मंगेशकर तो ‘स्वर कोकिला’ के नाम से अमर हो चुकी थीं।

लेकिन किस्मत ने बचपन में ही बड़ा इम्तिहान ले लिया, सिर्फ 9 साल की उम्र में पिता का साया उठ गया और यहीं से शुरू हुई उस छोटी सी बच्ची की बड़ी जंग। पुणे, कोल्हापुर और फिर मुंबई, संघर्ष के रास्तों पर चलते-चलते आशा ने भी सुरों को अपना सहारा बना लिया। नौ साल की उम्र में पहला गाना और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।

इसे भी पढ़ें : OMG! 4 साल की बच्ची के पेट में इतने कीड़े, डॉक्टर हैरान…

इसे भी पढ़ें : फीस पर लगेगी लगाम, नये सत्र से पहले रांची प्रशासन की बड़ी बैठक

प्यार, बगावत और जिंदगी के उतार-चढ़ाव को Asha Tai ने किया पार 

16 साल की उम्र और दिल में बगावत, आशा ने घर से भागकर गणपतराव भोसले से शादी कर ली। ये फैसला आसान नहीं था, परिवार खासकर लता दीदी इससे सहमत नहीं थीं। वक्त बदला, रिश्ते भी बदले और 1960 में यह शादी टूट गई। लेकिन आशा ताई ने हार नहीं मानी, अकेले अपने तीन बच्चों की परवरिश की। फिर जिंदगी में सुरों के जादूगर राहुल देव बर्मन (आरडी बर्मन) आये। 1980 में दोनों ने शादी की और फिर संगीत ने एक नई कहानी लिखी। दो दिलस एक धुन और अनगिनत सुपरहिट गीत। आशा ताई केवल सुरों की रानी ही नहीं थी, वह स्वाद की भी महारानी भी थीं। अगर गायिका नहीं बनतीं तो शायद एक शानदार कुक होतीं।

उनके घर की महफिलों में पायाकरी, कड़ाही गोश्त, बिरयानी और दाल की खुशबू दूर तक जाती थी। कपूर खानदान से लेकर ऋषि कपूर तक,  हर कोई उनके हाथ के खाने का दीवाना था। देव आनंद, राजेश खन्ना जैसे सितारे भी उनके घर खाने का इंतजार करते थे। गायिकी के साथ-साथ आशा ताई ने बिजनेस में भी कमाल किया। दुबई, कुवैत, दोहा, अबूधाबी, हर जगह ‘Asha’s’ नाम से उनके रेस्तरां स्वाद और शान का प्रतीक बने। यहां हर डिश में सिर्फ मसाले नहीं, आशा ताई का दिल भी मिला होता था।

इसे भी पढ़ें : एग्जाम से पहले 150 से ज्यादा हिरासत में…

इसे भी पढ़ें : Asha Bhosle : सुरों की मलिका हुई खामोश, 92 साल की उम्र में निधन

परिवार की कहानी भी कम दर्दभरी नहीं

तीन बच्चों की मां आशा ताई, लेकिन जिंदगी ने यहां भी कई जख्म दिये। बड़े बेटे हेमंत का 2015 में निधन हो गया। बेटी वर्षा ने 2012 में दुनिया छोड़ी। अब सिर्फ बेटे आनंद भोसले परिवार की विरासत संभाल रहे हैं। पोती जनाई भोसले अब उसी सुर की परंपरा को आगे बढ़ा रही हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कल यानी सोमवार को मुंबई में आशा ताई का अंतिम संस्कार होगा। दुनियाभर के फैंस की आंखें नम हैं, हर दिल में एक ही सवाल अब वो आवाज कौन लौटायेगा, जो हर एहसास को गीत बना देती थी?

इसे भी पढ़ें : Chatra : न्याय की आस में बुझता घर, करिश्मा ने भी छोड़ा खाना…

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img

Related articles:

बेलगाम हो गये हैं कुछ अधिकारी, पंकज मिश्र ने CM को भेजा पत्र…

Ranchi : जयप्रकाश जनता दल के राष्ट्रीय सचिव पंकज...

JBVNL के दो बड़े अधिकारी सस्पेंड… जानें क्यों

Ranchi : झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने...

जरियागढ़ थाना का घेराव, गांववाले बोले, निर्दोष को फंसाया गया…

Khunti : खूंटी के जरियागढ़ थाना क्षेत्र के लापा...

रांची एयरपोर्ट की सुरक्षा पर सख्त पहरा…

Ranchi : राजधानी रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे...

गुपचुप बेचने वाली महिला की ह’त्या का खुलासा, क्यों मा’री गई… जानें

Ranchi : रांची के तुपुदाना ओपी क्षेत्र के दसमाइल-तुंजू...