UP : ग्रेटर नोएडा के राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान में डॉक्टरों ने एक चार साल की बच्ची की जान बचाते हुये बेहद जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। बच्ची की आंतों में राउंडवर्म (एस्केरिस लम्ब्रीकोइडीज) का इतना गंभीर संक्रमण हो चुका था कि आंतों में रुकावट बन गई थी, जो सीधे जानलेवा स्थिति में बदल सकती थी। प्रोफेसर डॉ. मोहित माथुर के अनुसार, आम दिखने वाले ये कीड़े कई बार खतरनाक रूप ले लेते हैं। बच्ची को लगातार पेट दर्द, उल्टी और कमजोरी की शिकायत थी। जांच में पता चला कि आंतों में कीड़ों का गुच्छा बन गया है, जिसके बाद तुरंत ऑपरेशन करना पड़ा।
डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों में कीड़ों का संक्रमण आम है, खासकर जहां साफ-सफाई की कमी होती है। गंदे हाथ, दूषित खाना और पानी के जरिये कीड़े शरीर में पहुंचते हैं और धीरे-धीरे आंतों में बढ़ते जाते हैं। अगर समय पर इलाज न हो तो यही संक्रमण सर्जिकल इमरजेंसी बन जाता है। डॉ. माथुर ने साफ कहा कि लापरवाही बच्चों की सेहत पर भारी पड़ सकती है। यह संक्रमण न सिर्फ दर्द देता है, बल्कि बच्चों की विकास और पोषण को भी प्रभावित करता है।
क्या है राउंडवर्म?
यह एक आम आंतों का कीड़ा है, जो गंदगी और दूषित भोजन के जरिये शरीर में पहुंचता है। ज्यादा संख्या में होने पर ये आंतों में गुच्छा बनाकर ब्लॉकेज कर देते हैं, जिससे ऑपरेशन तक की नौबत आ सकती है।
बचाव के आसान उपाय
खाने से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोएं
फल-सब्जियां अच्छी तरह धोकर खाएं
कच्चा या अधपका भोजन न लें
साफ और उबला/फिल्टर पानी पिएं
बच्चों के नाखून साफ और छोटे रखें
डॉक्टर की सलाह से नियमित डी-वॉर्मिंग करायें
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