spot_img
spot_img
spot_img
spot_img

रेडिशन ब्लू होटल में जुटे NDA के 24 विधायक, इनके समर्थन में दिखी पूरी फौज…

Date:

spot_img
spot_img
📖भाषा चुनें और खबर सुनें:
🎙️कोहराम LIVE रेडियो

Ranchi : राजधानी रांची का रेडिशन ब्लू होटल अचानक राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बन गया है। राज्यसभा चुनाव से ठीक पहले यहां ठहरे NDA के सभी 24 विधायकों की एक सामूहिक तस्वीर सामने आई है। यह फोटो एक राजनीतिक संदेश है, “हम साथ हैं, पूरी मजबूती के साथ।” 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दलों ने इस तस्वीर के जरिये अपने कुनबे की एकजुटता का सार्वजनिक प्रदर्शन किया है। खबर है कि राज्यसभा चुनाव को देखते हुये NDA के सभी 24 विधायकों को रांची के रेडिशन ब्लू होटल में ठहराया गया है। जानकारों का कहना है कि इसका मकसद सिर्फ विधायकों को एक जगह रखना नहीं, बल्कि चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देना और किसी भी तरह की राजनीतिक हलचल पर नजर बनाये रखना भी है।

तस्वीर में दिखी NDA की पूरी ताकत

भाजपा की ओर से जारी तस्वीर में प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन, रांची के विधायक सीपी सिंह, सरयू राय, मनोज यादव, नीरा यादव, नवीन जायसवाल, रागिनी सिंह, पूर्णिमा साहू समेत NDA के सभी 24 विधायक एक मंच पर दिखाई दे रहे हैं। इस बार राज्यसभा चुनाव में NDA ने निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी पर भरोसा जताया है। दूसरी तरफ झारखंड मुक्ति मोर्चा ने बैद्यनाथ राम को मैदान में उतारा है, वहीं, कांग्रेस ने प्रणव झा को उम्मीदवार बनाया है। तीनों उम्मीदवारों के बीच मुकाबला दिलचस्प माना जा रहा है, क्योंकि विधानसभा के अंकगणित में हर वोट की अहमियत बढ़ गई है।

जीत का गणित और सियासत की केमिस्ट्री

81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में राज्यसभा चुनाव जीतने के लिये 28 वोटों की जरूरत है। राजनीतिक दावों के मुताबिक, झामुमो उम्मीदवार बैद्यनाथ राम को 36 विधायकों का समर्थन मिलने का दावा किया जा रहा है। कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा के साथ पार्टी के 16 विधायक बताये जा रहे हैं। निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी के समर्थन में NDA के 24 विधायक मजबूती से खड़े हैं। मौजूदा समीकरणों के अनुसार परिमल नाथवानी को जीत सुनिश्चित करने के लिये अभी चार अतिरिक्त वोटों की जरूरत होगी। वहीं कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को 12 और विधायकों का समर्थन जुटाना होगा। ऐसे में निर्दलीय विधायकों और छोटे दलों के प्रतिनिधियों की भूमिका अचानक बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं और हर दल अपने पक्ष में समर्थन जुटाने की कोशिश में लगा हुआ है।

इसे भी पढ़ें : टायर हमेशा काले ही क्यों होते हैं? वजह जानेंगे तो कहेंगे- वाह…

इसे भी पढ़ें : झारखंड को मिलेंगी नई ट्रेनें… जानें

इसे भी पढ़ें : चतरा से बिहार भेजी जा रही थी शराब, कार से मिली 408 बोतल…

इसे भी पढ़ें : दनुआ घाटी में आधी रात का कहर, एक ट्रेलर खाई में गिरा…

इसे भी पढ़ें : रांची का यह गांव हापतबेड़ा या आफतबेड़ा… देखें वीडियो

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img

Related articles:

राशन के अनाज को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, कल से बदल जायेगा सारा नियम…

Delhi : देश में अनाज के भंडारण और प्रबंधन को...

‘बेटी’ को ले गया मौ’त के मुहाने पर, फिर…

UP : रिश्तों की दुनिया में पिता को बेटी...