Ranchi : रांची विश्वविद्यालय में खर्च हुये 109 करोड़ रुपये का कोई हिसाब-किताब नहीं है। इससे संबंधित फाइल गायब हो गई है। इसके लिये जिम्मेदार पदाधिकारियों की पहचान करने का आदेश दिया गया है। इनके चिहिंत होते ही इनके खिलाफ FIR दर्ज हो सकते हैं। इस बारे में वर्तमान कुलपति डा. अजीत कुमार सिन्हा ने राजभवन को उक्त फाइल कुलपति कार्यालय में उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी है। समीक्षा में राजभवन ने पाया कि विश्वविद्यालय की फाइल के नोट-शीट से यह स्पष्ट होता है कि यह विषय कार्यवाहक कुलपति की पूरी जानकारी में थी, लेकिन वो खामोश रही। सूत्रों के अनुसार रांची विवि की तत्कालीन कार्यवाहक कुलपति डॉ कामिनी कुमार की मुश्किलें बढ़ सकती है। रांची विवि में 109 करोड़ रुपए राशि की वित्तीय अनियमितता के संबंध में उच्च शिक्षा निदेशक ने 28 जून 2021 को एक जांच रिपोर्ट राज्यपाल सचिवालय को भेजी थी। राज्यपाल सचिवालय ने दो जून 2022 को कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।
सूत्रों के अनुसार राजभवन ने इसके अलावा कुछ और गड़बड़ियां भी पकड़ी है। डा. कामिनी कुमार के पद पर रहते हुये तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के 36 कर्मियों को दिनांक 18 दिसंबर 2021 को रेगुलर कर दिया था। ऐसा करने के लिये उनके पास पावर भी नहीं था। डॉ कामिनी पर और भी इल्जाम है। सूत्रों के अनुसार गर्वनर रमेश बैस ने समीक्षा में प्रभारी कुलपति रही डॉ कामिनी से 15 दिनों के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है। कामिनी कुमार रांची विवि में प्रतिकुलपति के पद पर नियुक्त थीं, जिन्हें पद रिक्त रहने के कारण कुलपति का प्रभार भी दिया गया था।
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