कोहराम लाइव डेस्क : पुरुष नसबंदी और महिला बंध्याकरण के बाद भी महिला गर्भवती हो जाए तो योजना पर सवाल लाजमी है। ऐसा ही एक गंभीर मामला समस्तीपुर जिले से सामने आया है, जहां एक नहीं तीन ऐसे मामले सामने आए हैं, जिसमें पुरुष नसबंदी और महिला बंध्याकरण के बाद महिला गर्भवती हो गई। जिले में महिला बंध्याकरण के दो व पुरुष नसबंदी का एक मामला विफल हो गया। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने जांच के उपरांत क्षतिपूर्ति राशि भेजी है। इसमें दो महिला व एक पुरुष के खाते में 30-30 हजार रुपये और एक महिला की मौत होने पर दो लाख रुपये मिलेंगे।
इसमें मुजफ्फरपुर जिला के मटलुपुर गांव निवासी रामविवेक कुमार की पत्नी रीना देवी, समस्तीपुर जिला के पूसा थाना क्षेत्र के देवपार गांव निवासी मुकेश चौधरी की पत्नी संतोषी देवी व पूसा के जगदीशपुर गांव निवासी संतोष कुमार शामिल है। जबकि, खानपुर प्रखंड के सिवैसिंगपुर गांव निवासी नूरे आलम की पत्नी साहिन परवीन की बंध्याकरण के बाद मौत हो गई थी। सभी ने जिलाधिकारी से ऑपरेशन विफल होने की शिकायत की थी। शिकायत मिलने के बाद डीएम ने मामले की जांच के आदेश दिए थे। जांच सही पाए जाने के बाद डीएम ने दोनों महिलाओं व एक पुरुष को 30-30 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने की अनुशंसा की। जिसके बाद राज्यस्तर से सहमति मिलने के उपरांत राशि का भुगतान कर दिया गया।
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पति के नसबंदी कराने के छह माह बाद पत्नी गर्भवती
पूसा थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव निवासी संतोष कुमार ने छह सितंबर 2018 को सदर अस्पताल में नसबंदी कराया था। ऑपरेशन के बाद उसकी पत्नी गर्भवती हो गई। इसका खुलासा छह महीने बाद हुआ। उसने अपनी पत्नी का एक मार्च 2019 को अल्ट्रासाउंड कराया। अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट में महिला के छह सप्ताह पांच दिन की गर्भवती होने की बात सामने आई। जिसके बाद उनलोगों ने अपनी संतुष्टि के लिए अलग-अलग जांच कराई। मगर सभी जगह गर्भवती होने की बात सामने आई।
तीन साल बाद गर्भवती हुई रीना, छह माह बाद ही गर्भवती हुई संतोषी
परिवार नियोजन ऑपरेशन के तीन साल बाद रीना और छह महीने बाद संतोषी फिर से गर्भवती हो गई। इसके बाद अनुदान को लेकर दोनों ने डीएम से गुहार लगाई। जांच में शिकायत सत्य पाया गया, जिसके बाद डीएम ने अनुदान की अनुशंसा की।
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इसमें मुजफ्फरपुर जिला के पियर थाना क्षेत्र के मटलुपुर गांव निवासी राम विवेक कुमार की पत्नी रीना देवी अनुमंडलीय अस्पताल पूसा में 25 जुलाई 2016 को बंध्याकरण का ऑपरेशन कराया था। इसके तीन साल बाद वह गर्भवती हो गई। इस परिजनों ने पीड़िता की चिकित्सा कराई। अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के आधार पर गर्भवती होने की पुष्टि हुई। जिसकी रिपोर्ट 13 मार्च 2019 को दी गई। वहीं दूसरी ओर पूसा थाना क्षेत्र देवपार गांव निवासी मुकेश चौधरी की पत्नी संतोषी देवी का चार मार्च 2019 को बंध्याकरण का ऑपरेशन किया था। जिसका अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के आधार पर गर्भवती होने का मामला सामने आया। उसने नौ सितंबर 2019 को अनुमंडलीय अस्पताल पूसा में मामले की शिकायत की थी।
वहीं बंध्याकरण के एक सप्ताह बाद ही खानपुर प्रखंड के सिवैसिंगपुर गांव निवासी नूर आलम की पत्नी साहिन परवीन की मौत हो गई। महिला का ऑपरेशन रेफरल अस्पताल ताजपुर में 28 नवंबर 2019 को कराया गया था। 29 नवंबर 2019 को डिस्चार्ज करने के बाद पांच दिसंबर 2019 को मौत हो गई। परिजनों ने इसकी सूचना चार जनवरी 2020 को अस्पताल प्रशासन को दी। इस मामले में जांच के बाद नियमानुसार क्षतिपूर्ति राशि दो लाख रुपये परिजन को देने की अनुशंसा की गई।
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