Hazaribagh(Sunil Sahu) : कभी किसी ने सोचा भी न होगा कि इलाज के नाम पर झूठ की इतनी मोटी चादर ओढ़ी जा सकती है, एक नाम है आरोग्या हॉस्पिटल, जो गांव-गांव में ‘इलाज के मंदिर’ के रूप में जाना जाने लगा था। मगर इस मंदिर के अंदर कोई भगवान नहीं, बल्कि झूठ और लापरवाही का कारोबार चल रहा था। यह वही जगह है, जहां वर्षों से प्रकाश सोनी नामक शख्स खुद को “डॉक्टर” बताकर मासूम जिंदगियों से खिलवाड़ करता रहा। न मेडिकल डिग्री, न पंजीकरण, बस सफेद कोट पहनकर मौत से खेल का सिलसिला। हाल ही में बड़कागांव के ही कमरुद्दीन अंसारी को पेट में संक्रमण हुआ। इलाज की आस में वे इस हॉस्पिटल पहुंचे। वहां न कोई जांच, न कोई परामर्श, बस झूठी तसल्ली, “तुम ठीक हो जाओगे।” पर किस्मत को कुछ और मंजूर था। हालत बिगड़ी तो जब वे लौटे, “डॉक्टर साहब” ने इलाज तो दूर, बदज़ुबानी से जख्म और गहरा कर दिया, “हमसे बड़ा डॉक्टर कोई नहीं।” जब पत्रकारों ने हकीकत सामने रखी तो स्वास्थ्य विभाग की नींद टूटी। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने कहा, “बिना रजिस्ट्रेशन कोई भी अस्पताल नहीं चला सकता। जांच टीम भेजी जायेगी और दोषी पाये जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।” वहीं, जिस शख्स प्रकाश सोनी पर इल्जाम लगा, वो कैमरा के सामने से इंकार कर गये, सुनें क्या बोले चिकित्सा पदाधिकारी और लोग…
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