Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा में दीपावली की सुनहरी शाम में जब गांव के आकाश में दीपों की लड़ी झिलमिलाई, उसी पवित्र क्षण बलियारी की ठाकुरबाड़ी के प्रांगण में श्रद्धा और उत्साह का एक नया दीप भी जला, श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के आयोजन का संकल्प। गांव के लगभग हर घर से लोग एकत्र हुये, सभा में ग्राम के बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक ने एकमत होकर कहा, “ ये यज्ञ न केवल धर्म का प्रतीक है, बल्कि हमारी संस्कृति की आत्मा है।” पूर्व में भी यहीं दो वर्षों तक सफलतापूर्वक यज्ञ का आयोजन हुआ था। उसकी यादें आज भी लोगों के मन में ताजा हैं, जहां दिनभर हवन की सुगंध और शाम को प्रवचन की मधुर ध्वनि पूरे वातावरण में फैल जाती थी।
गांव के वरिष्ठ नागरिकों ने एकमत से यज्ञ आयोजन समिति का गठन किया। गांव के प्रसिद्ध समाजसेवी स्व. उदय दुबे के पुत्र आनंद प्रकाश दुबे उर्फ अन्नु बाबू को सर्वसम्मति से समिति का अध्यक्ष चुना गया। इसी तरह कार्यकारी अध्यक्ष रामलाला दुबे, प्रधान सचिव शशिकांत दुबे (डब्लू), सचिव विनोद कुमार दुबे एवं शिवनारायण दुबे, संयुक्त सचिव प्रदीप दुबे सहित कई सदस्य चुने गये। वहीं, कोषाध्यक्ष अधिवक्ता राजेश कुमार दुबे, शशिकांत द्विवेदी (सोनू), शंभूनाथ दुबे, नवनीत दुबे, सुनील चन्द्रवंशी, योगेन्द्र दुबे को बनाया गया। सांस्कृतिक प्रभारी सुनील कुमार दुबे, व्यवस्था प्रभारी योगेन्द्र दुबे, बीरेन्द्र दुबे ‘इयार’, ओमप्रकाश, बच्चू चन्द्रवंशी मीडिया प्रभारी लव कुमार दुबे, धीरज दुबे (नेता), शशिकांत द्विवेदी (सोनू) बनाये गये। युवा प्रकाश दुबे, शिवम, संतोष, राजू साह, राजा बाबू, अंकित दुबे, प्रवीण दुबे और अन्य कार्यकारिणी में शामिल किये गये, ताकि यज्ञ के हर चरण में नई पीढ़ी की ऊर्जा झलके। सर्वसम्मति से तय हुआ कि यज्ञ ठाकुरबाड़ी के प्रांगण में ही आयोजित होगा। अगली बैठक 3 नवम्बर यानी रविवार को रखी गई है, जिसमें स्वागत समिति, भण्डारा, पार्किंग, मंच संचालन और यज्ञशाला से जुड़ी जिम्मेदारियां तय होंगी। वरिष्ठ ग्रामीणों ने कहा कि “जहां भूमि पुण्य से भर जाती है, वहीं यज्ञ का आह्वान होता है। यह न केवल वातावरण की शुद्धि करता है, बल्कि मनुष्यता को भी पवित्र करता है।” बैठक का समापन श्री लक्ष्मी नारायण भगवान के जयघोष से हुआ और दीपावली की शुभकामनाओं के साथ पूरा ठाकुरबाड़ी प्रांगण गूंज उठा, “जय श्री लक्ष्मी नारायण भगवान की।”












