Ranchi : ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त सचिव जीतेन्द्र देव ने कहा कि राज्य में सिविल सोसाइटी के सहयोग से मनरेगा के तहत कई ऐसे आजीविका के बेहतर मॉडल बने हैं, जिसे व्यापक पैमाने पर पूरे राज्य में गुणवत्ता के साथ बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने झारखंड सिविल सोसाइटी फोरम के प्रयास की प्रशंसा की। वहीं, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के विशेष सचिव प्रदीप हजारी ने कहा कि राज्य में किसानों के लिए उपयोगी कार्यक्रमों और योजनाओं के बनाने में सिविल सोसाइटी संगठन अहम भुमिका निभा रही है। सोसाइटी अपने अनुभवों के आधार पर एवं अध्ययन कर सरकार के वर्तमान में चल रही योजनाओं में सुधारात्मक कदम के लिए प्रस्ताव दे सकते हैं। विभाग सिविल सोसाइटी संगठन के साथ मिलकर काम करने की योजना बना रही है। मौका था झारखंड सिविल सोसाइटी फोरम के बैनर तले आयोजित एक राज्य-स्तरीय कार्यशाला का।

प्रख्यात सामाजसेवी, खाद्य सुरक्षा और पोषण के विशेषज्ञ एवं झारखंड सीएसओ फोरम के संयोजक बलराम ने कहा कि यह कार्यशाला राज्य के चहुमुखी विकास के लिए रणनीति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी।
कार्यशाला में झारखंड सिविल सोसाइटी के संयोजक डॉ. रमेश शरण के कहा राज्य में सतत विकास लक्ष्य की पूर्ति करने में सरकारी एवं गैर सरकारी संगठनों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है। इस प्रकार के राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन निश्चित तौर पर राज्य के विकास में गैर सरकार संगठनों के परिबद्धता का परिचायक है।
वहीं, संत जेविएर कॉलेज के प्रोफेसर हरीश्वर दयाल ने कहा कि राज्य में सतत विकास के सूचकांक में वृद्धि हुई है। राज्य में और बेहतर प्रदर्शन करने संभावनाएं हैं। यदि सभी हितधारक एक मंच पर आकर ग्रामीण विकास के रणनीति बनाये तो सतत विकास के लक्ष्य की उपलब्धि संभव है।

वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के वन संरक्षक स्मिता पंकज (भारतीय वन सेवा) ने कहा कि राज्य में सर्वांगीन विकास के लिए GO–NGO का कोलैबोरेशन काफी महत्वपूर्ण है। इसके लिए राज्य में सरकारी कार्यक्रमों में सिविल सोसाइटी संगठनों की भागीदारी के लिए राज्य स्तर पर निति बनाने की आवश्यकता है।
प्रदान के पूर्व कार्यकारी निदेशक मानस सत्पथी ने कहा कि समावेशी विकास को सुनिश्चित करने एवं विकास में महिलाओं की भागीदारी के साथ साथ वंचित एवं अति गरीब लोगों एवं समुदाय तक पहुंच बनाने में सिविल सोसाइटी की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।

राज्य में समावेशी विकास की गति को तेज करने में सरकारी एवं गैर सरकारी संगठनों की साझेदारी एवं सहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से झारखंड सिविल सोसाइटी फोरम के तत्वाधान में होटल बीएनआर चाणक्य, रांची में एक राज्य-स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। झारखंड सरकार के विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी, गैर सरकारी एवं अकादमिक संस्थानों के प्रतिनिधि एवं महिला मंडल के प्रतिनिधि मिलकर इस कार्यशाला में विकास संवाद किए। विकास संवाद में सतत विकास सूचकांक (सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल) विशेषकर गरीबी उन्मूलन एवं खाद्य पर्याप्तता सुनिश्चित करने, बेहतर स्वास्थ्य और पोषण तथा जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभाव को नियंत्रित करने से संबंधित विस्तृत चर्चा की गई। निर्णायक सुझाव संबंधित सरकारी विभागों के साथ साझा किए गए। कार्यक्रम की शुरुआत फिया फाउंडेशन के जोहन्सन टोपनो के स्वागत संबोधन के साथ किया गया। सुजया डांगवर ने पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुतिकरण किया। कार्यक्रम का संचालन छंदोश्री ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन निलाद्री मुखर्जी ने किया।

ये रहे मौजूद
इस अवसर पर पूर्व कृषि वैज्ञानिक डॉ. शिवेंद्र कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता बलराम जो, राम कृष्ण मिशन संस्थान के डॉ. सुदर्शन विश्वास, युनीसेफ के विशेषग्य ओंकार नाथ त्रिपाठी, जनजातिय कल्याण विभाग के अपर परियोजना निदेशक आशीष आनन्द, प्रदान के सुधीर साहनी, प्रेम शंकर, विवेक राय, वरीजा, मौसमी, जयश्री, सहित झारखंड के 70 से अधिक गैर सरकारी संगठनों, मीडिया के लोग, एवं अन्य हितधारकों के प्रतिनिधि मौजूथ थे।
इसे भी पढ़ें :ITR भरते वक्त ये छोटी सी भूल पड़ेगी भारी
इसे भी पढ़ें :रांची-बनारस-रांची एक्सप्रेस का स्टॉपेज अब यहां होगा
इसे भी पढ़ें :गेहूं को लेकर सरकार का आया बयान…देखें क्या
इसे भी पढ़ें :बड़ी खबर : अब राशन के साथ मिलेंगे 3 सिलेंडर बिल्कुल मुफ्त…
इसे भी पढ़ें :ITR भरने के लिए जारी हुआ फॉर्म, पढ़ें डिटेल्स
इसे भी पढ़ें :SBI-PNB-BoB-HDFC-ICICI बैंक के ग्राहकों के लिए बड़ी खबर








