Ranchi (Neeraj Thakur) : राजधानी रांची के बहुचर्चित सुभाष मुंडा हत्याकांड का सूत्रधार छोटू खलखो उर्फ छोटू उरांव निकला। दलादली मौजा के 119 डिसमिल और 90 डिसमिल जमीन को लेकर सुभाष और छोटू एख दूसरे के जानी दुश्मन हो गये। पर छोटू कभी यह सुभाष को एहसास नहीं होने दिया कि वह उसके जान का दुश्मन बन गया है। छोटू के पिता का नाम झिंगा उरांव है। झिंगा कभी आतंक का दूसरा नाम दुआ करता था। 70 साल का झिंगा अपने जमाने में पुलिसवाले को मार कर उसका कलेजा तक भूंज कर खा गया था। उसके अनुसार ऐसा उसने ताकत हासिल करने के लिए किया था। बुढ़ापा आते ही झिंगा ने अपराध जगत से नाता तोड़ दिया। उसका बेटा छोटू जमीन खरीद-बिक्री में एक्टिव था। वह माकपा नेता सुभाष मुंडा को अपना सबसे बड़ा कांटा मानता था। छोटू ने सबसे पहले सुभाष के सबसे खासमखास विनोद कुमार उर्फ कन्हैया को तोड़ा।
विनोद को यह ललाच दी गई कि वह उसका साथ देगा, तो जो भी कमाई होगी उसमें आधा-आधा। बस केवल सुभाष मुंडा का मर्डर करवा देना है। उसके हटते ही इलाके में अपना राज चलेगा। हुकूमत कायम करने के लिए छोटू खलखो नये दोस्त बने विनोद के साथ मिलकर कुख्यात शूटर बबलू पासवान से संपर्क किया। 15 लाख कैश और 10 डिसमिल जमीन में सौदा तय हो गया। सुभाष मुंडा की मुड़ी की कीमत तय होते ही बिहार के दो पेशेवर शूटर हायर किये गये। करीब बीस दिन पहले हत्या की पूरी प्लानिंग कर ली गई। वारदात से एक दिन पहले भी सुभाष मुंडा की रेकी की गई थी। कभी सुभाष का खासमखास रहा विनोद सुभाष मुंडा की पलपल की जानकारी छोटू खलखो को देता रहा। मौका मिलते ही सुभाष मुंडा को बीते 26 जुलाई की रात गोलियों से भून दिया गया। तब कुछ लोगों के साथ वह अपने दफ्तर में बैठे हुए थे।
यहां सबसे चौंकाने और हैरत वाली बात यह है कि सुभाष की हत्या के बाद बवाल करने में और गुस्से का इजहार करने में छोटू खलखो हर जगह दिखा। उसके अंतिम संस्कार में भी वह मौजूद था। हत्या की रात खूब बवाल हुआ था। कई गाड़ियों में तोड़-फोड़ की गई, आगजनी की गई। वहीं, सिटी एसपी के गाड़ी तक को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। हत्या क् दूसरे दिन सुभाष मुंडा के घर के बाहर अपने गुर्गों के साथ घंटों खड़ा रहा। तब छोटू को जानने वाले क शख्स ने उसे चेताया भी कि आजकल तुम भी बहुत उड़ने लगे हो, जरा संभलकर चलो। वरना अंजाम सामने देख रहे हो। कहते हैं कि कुछ माह पहले नगड़ी इलाके में ही एक शादी समारोह में छोटू खलखों और उसके गुर्गों ने करीब 70 राउंड हर्ष फायरिंग कर अपनी ताकत का एहसास कराया था। इस शआदी समारोह में एक गैंगस्टर के गुर्गे भी जुटे थे। तब गैंगस्टर के गुर्गे छोटू की फायरिंग के सामने नतमस्तक हो गये। इल्जाम है कि छोटू ने कई तरह के उम्दा हथियार हासिल कर लिए हैं। सुभाष की हत्या के सूत्रधार छोटू खलखो, विनोद कुमार उर्फ कन्हैया और अभिजीत पाड़ी को रांची पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से उम्दा किस्म का एक पिस्टल, एक रिवॉल्वर, एख शॉटगन, एक दूरबीन लगा राइफल और 4 मोबाइल फोन मिले हैं। वहीं, एक फॉर्चुनर गाड़ी जब्त की है। सुनें क्या बोले रांची पुलिस कप्तान किशोर कौशल…
इधर, आज यानी शुक्रवार को मारे गये माकपा नेता सुभाष मुंडा के परिजनों ने सीएम हेमंत सोरेन से मुलाकात की। मोके पर सीएम ने परिजनों से कहा कि हत्याकांड में शामिल अपराधी किसी भी हाल में बक्शे नहीं जाएंगे। परिजनों को राज्य सरकार द्वारा हर संभव मदद दी जाएगी।

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