Kohramlive : अमेरिकी लेबर डिपार्टमेंट में दर्ज H-1B वीजा फाइलिंग से पता चलता है कि गूगल में विदेशी कर्मचारियों को मिलने वाली सैलरी (बोनस और स्टॉक विकल्प को छोड़कर) कितनी है। ये आंकड़े गूगल की टेक भूमिकाओं में शुरुआती स्तर से लेकर सीनियर लीडर्स तक के वेतन ढांचे की झलक देते हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ये केवल बेस पे हैं, इसमें स्टॉक ऑप्शन, परफॉर्मेंस बोनस और अन्य पर्क्स शामिल नहीं हैं। वेतन भूमिका, अनुभव (लेवल) और लोकेशन के आधार पर बदलती है। इंजीनियरिंग मैनेजर और सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर जैसी भूमिकाओं में पैकेज सबसे ज्यादा हैं। गूगल जैसी टेक दिग्गज कंपनियों में H-1B कर्मचारियों का बेस पे ही करोड़ों में होता है। बोनस और स्टॉक जोड़ने पर कुल मुआवजा कई बार इन आंकड़ों से कहीं ज्यादा पहुंच सकता है।
| पद | बेस सैलरी (USD) | भारतीय रुपये में लगभग* |
|---|---|---|
| इंजीनियरिंग मैनेजर | $1,000,000 तक | ₹8.8 करोड़ तक |
| सॉफ्टवेयर इंजीनियर | $400,000 तक | ₹3.35 करोड़ तक |
| सीनियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर | $300,000+ | ₹2.66 करोड़+ |
| सॉफ्टवेयर इंजीनियर (L7) | $200,000 – $300,000 | ₹1.77 – ₹2.66 करोड़ |
| सॉफ्टवेयर इंजीनियर (L6) | $180,000 – $220,000 | ₹1.59 – ₹1.95 करोड़ |
| प्रोडक्ट मैनेजर | $250,000 – $320,000 | ₹2.21 – ₹2.83 करोड़ |
| रिसर्च साइंटिस्ट | $180,000 – $260,000 | ₹1.59 – ₹2.30 करोड़ |
| टेक्निकल प्रोग्राम मैनेजर | $190,000 – $250,000 | ₹1.68 – ₹2.21 करोड़ |
| यूएक्स डिजाइनर | $190,000 – $220,000 | ₹1.68 – ₹1.95 करोड़ |
| डेटा साइंटिस्ट | $160,000 – $220,000 | ₹1.41 – ₹1.95 करोड़ |
| हार्डवेयर इंजीनियर | $180,000 – $230,000 | ₹1.59 – ₹2.04 करोड़ |
| क्लाउड आर्किटेक्ट | $170,000 – $210,000 | ₹1.50 – ₹1.86 करोड़ |
*रुपये का अनुमान लगभग ₹83–₹85/USD की दर से।
इसे भी पढ़े: मस्क ने चौंकाया, इंसान से ज्यादा स्मार्ट होगी AI
इसे भी पढ़े: चाची की मोहब्बत में का’तिल बना भतीजा, मासूम बनी गवाह…
इसे भी पढ़े: ह’त्यारे तक पहुंच नहीं पाई पुलिस, राजधानी में दहशत…
इसे भी पढ़े: कोल इंडिया में नई पहचान, इस रोज से यूनिफॉर्म जरूरी














