शादी की रस्में और बीच में पहुंच गये जेलर, फिर क्या हुआ… जानें

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Dhanbad : धनबाद में शुक्रवार को जो हुआ, उसने हर किसी को चौंका दिया। दूल्हा-दुल्हन मंडप में थे, मंत्रोच्चार हो रहा था, परिवार के लोग खुशियों में डूबे थे और शादी की रस्में आगे बढ़ रही थीं। तभी अचानक जेल पुलिस पहुंच गई और देखते ही देखते पूरा समारोह रुक गया। यह अनोखी घटना धनबाद मंडल कारा परिसर स्थित शिव मंदिर की है, जहां एक जोड़ा कोर्ट मैरिज के बाद पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार शेष वैवाहिक संस्कार पूरा करने पहुंचा था। लेकिन बिना अनुमति जेल परिसर में विवाह आयोजन करना परिवार को भारी पड़ गया।

कोर्ट मैरिज के बाद मंदिर में पहुंचे थे दूल्हा-दुल्हन

खबर है कि  बिहार के आरा निवासी दिलीप यादव और धनबाद के पाथरडीह की रहने वाली कंचन पहले ही कानूनी रूप से कोर्ट मैरिज कर चुके थे। अब दोनों परिवार चाहते थे कि हिंदू परंपरा के अनुसार विवाह की बाकी रस्में भी पूरी की जायें। इसी सोच के साथ शुक्रवार को दोनों पक्षों के परिजन धनबाद मंडल कारा परिसर स्थित शिव मंदिर पहुंचे। मंदिर को सजाया गया, पुरोहित बुलाये गये और वैवाहिक अनुष्ठान भी शुरू हो गया।

रस्में चल रही थीं, तभी पहुंच गई जेल पुलिस

मंदिर में शादी की तैयारियां पूरी रफ्तार से चल रही थीं। दूल्हा-दुल्हन के साथ परिवार के सदस्य भी मौजूद थे। इसी बीच किसी माध्यम से जेल प्रशासन को समारोह की सूचना मिल गई। सूचना मिलते ही जेल पुलिस मौके पर पहुंची और आयोजन के संबंध में जानकारी ली। अधिकारियों ने अनुमति से जुड़े दस्तावेज मांगे, लेकिन जांच में पता चला कि विवाह आयोजन के लिये कोई पूर्व स्वीकृति नहीं ली गई थी। बस फिर क्या था, नियमों का हवाला देते हुये जेल प्रशासन ने समारोह को तत्काल रोक दिया। मामले की जानकारी मिलने पर जेलर दिनेश प्रसाद वर्मा ने पूरे घटनाक्रम की जांच कराई। जांच में स्पष्ट हुआ कि जेल परिसर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में बिना प्रशासनिक अनुमति विवाह समारोह आयोजित किया जा रहा था। इसके बाद अधिकारियों ने कार्यक्रम को बंद करा दिया और मौजूद लोगों को भविष्य में नियमों का पालन करने की सलाह दी। जेल प्रशासन ने विवाह संपन्न करा रहे पुरोहित को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जेल परिसर में किसी भी प्रकार का सार्वजनिक आयोजन करने से पहले संबंधित प्रशासन की अनुमति अनिवार्य है। इसके बाद माहौल थोड़ा असहज हो गया और धीरे-धीरे समारोह में शामिल लोग वहां से लौटने लगे।

दूल्हा-दुल्हन बोले- हमें नियम की जानकारी नहीं थी

घटना के बाद दूल्हा दिलीप यादव और दुल्हन कंचन ने मीडिया को बताया कि वे एक अधिवक्ता की सलाह पर जेल परिसर स्थित शिव मंदिर पहुंचे थे। उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि यहां विवाह की रस्में पूरी करने के लिये अलग से प्रशासनिक अनुमति लेना आवश्यक है।’उन्होंने कहा कि वे प्रशासन के फैसले का सम्मान करते हैं और अब किसी अन्य मंदिर में जाकर शेष वैवाहिक संस्कार पूरे करेंगे। लड़की पक्ष के लोगों का कहना है कि विवाह की बाकी धार्मिक रस्में अब किसी दूसरे मंदिर में संपन्न कराई जायेंगी।

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