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शपथ के 48 घंटे बाद ही मंत्री ने छोड़ी कुर्सी

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Kohramlive : कर्नाटक में नवगठित कांग्रेस सरकार के वरिष्ठ मंत्री आर. रामलिंगा रेड्डी ने शपथ लेने के महज दो दिन बाद ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया। सरकार के गठन के बाद मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर चल रही अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी बेंगलुरु में मौजूद हैं। ऐसे में रेड्डी का इस्तीफा कांग्रेस नेतृत्व के लिये भी असहज स्थिति पैदा कर रहा है।

‘वादा किया, फिर यू-टर्न ले लिया’

इस्तीफे के बाद रामलिंगा रेड्डी ने अपनी नाराजगी सार्वजनिक करते हुये CM डीके शिवकुमार पर गंभीर आरोप लगाये। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में उन्हें आश्वासन दिया गया था कि जब डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री बनेंगे, तब उन्हें बेंगलुरु विकास मंत्रालय सौंपा जायेगा। लेकिन अब उस वादे से पीछे हटते हुये यह विभाग किसी और को दे दिया गया। रेड्डी ने कहा कि उन्हें लगातार नजरअंदाज किया गया और बार-बार अपमानित महसूस कराया गया। दरअसल, नये मंत्रिमंडल में विभागों के आवंटन के दौरान बेंगलुरु विकास मंत्रालय कृष्ण बायरे गौड़ा को सौंप दिया गया, जबकि रामलिंगा रेड्डी को जल संसाधन विभाग दिया गया। यही फैसला उनके असंतोष का सबसे बड़ा कारण बना और आखिरकार उन्होंने मंत्री पद छोड़ने का निर्णय ले लिया।

CM को नहीं, सचिव के हाथ भेजा इस्तीफा

राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय यह भी बना कि रामलिंगा रेड्डी ने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री को व्यक्तिगत रूप से नहीं सौंपा। उन्होंने अपने निजी सचिव के माध्यम से इस्तीफा मुख्यमंत्री कार्यालय भेजा, जिसे राजनीतिक संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है। हालांकि मंत्री पद छोड़ने के बावजूद रेड्डी ने कांग्रेस के प्रति अपनी निष्ठा दोहराई। उन्होंने कहा कि  “मैं पिछले 53 वर्षों से कांग्रेस में हूं और कांग्रेस में ही रहूंगा। मैं नाराज नहीं हूं, लेकिन निराश जरूर हूं।” इस बयान से साफ है कि उनकी लड़ाई पार्टी से नहीं, बल्कि मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर लिये गये फैसले से है।

नई कैबिनेट में किसे मिला कौन-सा विभाग?

मंत्रालयों के बंटवारे के बाद कर्नाटक सरकार की प्रमुख जिम्मेदारियां इस प्रकार तय की गई हैं—

🔹 डीके शिवकुमार (मुख्यमंत्री) – वित्त एवं सूचना-जनसंपर्क विभाग
🔹 जी. परमेश्वर – राजस्व और युवा सेवाएं
🔹 प्रियंक खड़गे – गृह एवं आईटी/बीटी विभाग
🔹 यतींद्र – शहरी विकास और पिछड़ा वर्ग कल्याण
🔹 कृष्ण बायरे गौड़ा – बेंगलुरु विकास मंत्रालय
🔹 रामलिंगा रेड्डी – जल संसाधन विभाग (जिसे लेकर विवाद हुआ)

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