Ranchi : झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता विजय शंकर नायक ने भारतीय जनता पार्टी पर धार्मिक आस्था के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाते हुये भगवान श्रीराम के नाम पर देशभर से जुटाये गये चंदे का स्वतंत्र और सार्वजनिक ऑडिट कराया जाना चाहिये, ताकि श्रद्धालुओं के मन में किसी तरह का संदेह न रहे। नायक ने कहा कि सरकार आम नागरिकों, किसानों और छोटे कारोबारियों से हर लेन-देन का हिसाब मांगती है, लेकिन राम मंदिर निर्माण से जुड़े चंदे के संबंध में उठ रहे सवालों पर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आती। उनका कहना था कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता नहीं है, तो सार्वजनिक लेखा-जोखा और स्वतंत्र ऑडिट कराने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिये।
धार्मिक परियोजनाओं का भी लिया जिक्र
कांग्रेस प्रवक्ता ने अपने बयान में अयोध्या भूमि खरीद विवाद, उज्जैन के महाकाल लोक कॉरिडोर, केदारनाथ धाम, तिरुपति बालाजी मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम परियोजना, पुरी जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार और चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना जैसे मामलों का उल्लेख करते हुये कहा कि इन परियोजनाओं को लेकर समय-समय पर विभिन्न प्रकार के सवाल और विवाद सामने आये हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पारदर्शी प्रक्रिया अपनाकर जनता के सामने तथ्य रखे जाने चाहिये।
भाजपा से पूछे तीन सवाल
विजय शंकर नायक ने भाजपा से तीन प्रमुख सवाल पूछे राम मंदिर निर्माण से जुड़े चंदे का स्वतंत्र और सार्वजनिक ऑडिट अब तक क्यों नहीं कराया गया? धार्मिक परियोजनाओं से जुड़े विवादों और आरोपों की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच से परहेज क्यों किया जा रहा है? आस्था से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाने वाले श्रद्धालुओं और नागरिकों को कटघरे में खड़ा करने की प्रवृत्ति क्यों अपनाई जा रही है? विजय शंकर नायक ने कहा कि भगवान श्रीराम सत्य, न्याय, मर्यादा और पारदर्शिता के प्रतीक हैं। इसलिये उनके नाम पर राजनीति करने वालों को भी उन्हीं मूल्यों का पालन करना चाहिये। उन्होंने कहा कि आस्था के नाम पर जवाबदेही से बचना उचित नहीं है।
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