NEW DELHI: टेलीकॉम दिग्गज वोडा- आइडिया और एयरटेल के हालिया पेश टैरिफ प्लांस को लेकर विवाद पैदा हो गया है। दोनों ही कंपनियों ने कुछ ऐसे टैरिफ प्लान पेश किए हैं जो महंगे होने के साथ साथ नंबर पोर्टेबिलिटी की सुविधा में भी रोड़ा अटका रहे हैं। नंबर पोर्टेबिलिटी के इच्छुक ग्राहकों को अपने मोबाइल नंबर से एक SMS भेज कर नंबर पोर्टेबिलिटी रिक्वेस्ट जनरेट करनी पड़ती है। बिना पोर्टेबिलिटी रिक्वेस्ट जनरेट किए नंबर पोर्ट नही हो सकता। वोडा-आइडिया और एयरटेल के कुछ नए टैरिफ प्लान्स में आउटगोइंग SMS की सुविधा ही नही है। वोडा-आइडिया और एयरटेल के ‘नो आउटगोंइंग SMS’ वाले प्लान्स के ग्राहक, पोर्टिंग के लिए जरूरी SMS नही भेज सकते। उनके पास बस दो विकल्प बचते हैं। पहला कोई ऐसा महंगा प्लान खरीदें, जिसमें SMS की सुविधा हो और दूसरा नंबर पोर्टेबिलिटी का आइडिया छोड़कर अपनी इच्छा के विपरित पुरानी कंपनी के साथ बने रहे।
वोडा-आइडिया के 179 रुपये वाले प्लान में SMS की सुविधा
वोडा-आइडिया की बात करें तो उसके 179 रू वाले प्लान में SMS की सुविधा है, तो अगर ग्राहक नंबर पोर्ट करवाना चाहता है तो उसे कम से कम 179 रू वाला प्लान खरीदना पड़ेगा। ग्राहकों के अधिकारों के लिए लड़ने वाली संस्था टेलीकॉम-वॉचडॉग ने इसे कंपनियों की चालबाजी और ग्राहकों के साथ अन्याय करार दिया है। बताते चलें कि ‘नो आउटगोंइंग SMS’ वाले प्लांस की कीमतें कम हैं और इन्हें आमतौर पर लो इनकम ग्रुप के ग्राहक इस्तेमाल करते हैं। 2जी नेटवर्क का उपयोग करने वाले ग्राहक भी इसी इनकम ग्रुप से आते हैं। ट्राई को लिखे पत्र में टेलीकॉम-वॉचडॉग के सेक्रेटरी विक्रम मित्तल ने वोडा-आइडिया की शिकायत करते हुए लिखा कि वोडाफोन आइडिया ने SMS सर्विस को बड़ी चालाकी से 179 रू वाले प्लान में शिफ्ट कर दिया है। अब अगर कम कीमत वाले टैरिफ प्लान इस्तेमाल करने वाला कोई ग्राहक नंबर पोर्ट करवाना चाहता है तो उसे अतिरिक्त 179 रू खर्च करने पड़ेंगे।
सबसे कम कीमत के प्लान में होनी चाहिए एसएमएस सेवा
मित्तल ने आगे कहा कि हम बेहद आश्चर्यचकित हैं कि वोडा-आइडिया के इस कदम को किसी ने नोटिस नही किया और न ही ट्राई ने ग्राहकों के हित में कोई एक्शन लिया है। SMS सर्विस सबसे कम कीमत के प्लान में भी होनी ही चाहिए। हम ट्राई से प्रार्थना करते हैं कि वह कंपनी के इन गलत कदमों पर तुरंत रोक लगाए। ट्राई के आंकड़ों के मुताबिक सितंबर 2021 में ही देश में 1 करोड़ से अधिक टेलीकॉम ग्राहकों ने नंबर पोर्टेबिलिटी के लिए रिक्वेस्ट किया था। टेलीकॉम कंपनियों का यह कदम लाखों ग्राहकों पर सीधा असर डाल सकता है।
पुराने प्लान की वैधता खत्म होने से पहले ही पोर्ट की दे देनी चाहिए अर्जी
विशेषज्ञों के मुताबिक रिलायंस जियो लगातार वोडा-आइडिया और एयरटेल के लो-इनकम ग्रुप वाले 2जी ग्राहकों को अपने 4जी नेटवर्क की तरफ लगातार खींच रहा है। दोनों कंपनियों ने नए ‘नो आउटगोंइंग SMS टैरिफ प्लान ला कर पिछले दरवाजे से इसे रोकने की कोशिश की है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर ग्राहक पोर्ट करवाना चाहता है तो उसे अपने पुराने प्लान की वैधता खत्म होने से पहले ही पोर्ट की अर्जी दे देनी चाहिए।
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