Kohramlive : मणिपुर में अभी हिंसा थमी नहीं है। वहां मोर्चा संभालने के लिये सेना, CRPF एवं असम राइफल जवानों को झोंक दी गई है। वहीं उपद्रवियों द्वारा जगह-जगह सुरक्षाबलों का रास्ता रोकने के लिये कई तरह से बाधाएं खड़ी कर दी गई है। उपद्रवियों ने करीब एक दर्जन से ज्यादा पुलिस थानों से हथियार लूट लिए हैं। चिंता का विषय यह है कि पुलिस के अत्याधुनिक हथियारें उपद्रवियों तक पहुंच गये हैं। इन हथियारों का इस्तेमाल अब सुरक्षा बलों पर हो रहा है। CRPF कोबरा के एक जवान की जान चली गई, वहीं कुछ जवानों और अधिकारियों के घरों में आग लगा दी गई। सेकंड इन कमांड फिलिप का पूरा घर जला दिया गया है। गाड़ियां फूंक दी गई। इंफाल से कुछ दूर तिकांई खुनो गांव में दर्जनों घरों को फूंक दिया गया। बिगड़ते हालात को देखते हुये CRPF ने अपने उन जवानों और अफसरों के लिए आदेश जारी किया है, जो छुट्टी के बाद मणिपुर में वापस लौट रहे हैं। इनसे कहा गया है कि वो जवान अपने निकटवर्ती किसी भी कैंप में ठहर जायें। CRPF की 27 और RAF की 11 कंपनियां पहुंच चुकी हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सुरक्षा बलों को सबसे ज्यादा दिक्कतें मूवमेंट को लेकर हो रही है। जहां-तहां रोड बाधित है। एक बाधा हटवाते हैं तो दूसरी जगह पर हिंसा की वारदात हो जाती है। तरह सुरक्षा बल वहां पहुंचते हैं तो उपद्रवी वहां खिसक जाते हैं। उपद्रवियों से निपटने में जुटी सुरक्षा बलों को अभी काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। सरकार ने मोबाइल नेटवर्क बंद करने के आदेश के बावजूद उपद्रवियों को कोई परेशानी नहीं हो रही। वो आसानी से अपना काम कर रहे हैं।












