Ranchi (Pawan Thakur) : ड्यूटी से घर लौटे नंदजी सिंह ने उस रात सबसे पहले अपने छोटे बेटे विशाल को खोजा। उनका मन कुछ घबरा सा रहा था। वह बार-बार अपनी पत्नी से पूछ रहे थे… विशाल कहां है? तब पत्नी ने उन्हें बताया कि वह तीन मई को दिन के करीब साढ़े 11 बजे घर से कॉलेज जाने के लिए निकला था। निकलते वक्त सिर्फ इतना बोला कि शाम साढ़े 6 से 9 बजे तक वह वापस घर लौट आयेगा। देर होता देख पिता का मन बेचैन हो गया। उन्होंने अपने बेटे विशाल के दोस्त विवेक को फोन किया। विवेक ने उन्हें बताया कि दिन में विशाल उससे मिला था। तब उसने कहा कि वह क्लास करने जा रहा है। विवेक खुद घर लौट आया। विवेक का घर हाउसिंग कॉम्प्लेक्स के पास है। वहीं, नंदजी सिंह ने विवेक को विशाल का पता लगाने को कहा। करीब एक घंटे बाद विवेक का फोन आया। विवेक की बात सुन पिता के होश उड़ गये। भागे-भागे सभी लोग रांची के खेलगांव थाना क्षेत्र के गाड़ीगांव बस्ती में पहुंचे। वहां के मिलिट्री ग्राउंड में दीवार के सहारे विशाल सेंसलेस पड़ा हुआ था। उसे दोनों पैर फैले हुए थे। उसे खूब हिलाया-डुलाया गया, पर उसके शरीर में कोई हलचल नहीं हुई। उसे जल्दबाजी में आर्मी हॉस्पिटल नामकुम ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। तब एक बाप रो पड़ा। वह इस मनहूस खबर से अनजान थे कि उनका मन क्यों घबरा रहा है। बाप नंदजी सिंह का दुख वही समझ सकता है, जिसके बूढ़े कंधे पर जवान बेटे की अर्थी निकली हो। सबसे दुखद और चौंकाने वाली बात यह है कि ब्राउन शुगर के सोदागरों के कारम एक जवान लड़का मारा गया।
विवेक के पास विशाल को छोड़ हो गये ते फरार
पिता नंदजी सिंह के बयान पर खेलगांव थाना में हत्या का केस दर्ज किया गया। यह बातें मामला रांची पुलिस कप्तान किशोर कौशल तक पहुंचाई गई। उन्होंने इल कांड को गंभीरता से लिया। सिटी एसपी शुभांशु जैन की देखरेख में एक स्पेशल टीम बनाई गई। टीम का नेतृत्व सदर डीएसपी प्रभात रंजन बरवार कर रहे थे। टीम में सदर थानेदार श्याम किशोर महतो और खेलगांव थानेदार मनोज कुमार महतो सहित अन्य लोग को शामिल किया गया। पुलिस ने विशाल के दोस्त विवेक को उठा लिया। विवेक ने पुलिस के सामने सबकुछ उगल दिया। उसने पुलिस को बताया कि तीन मई की रात उसे रुद्रनाथ ओझा का फोन आया। उसने उसे मिलिट्री ग्राउंड के पास बुलाया। विवेक का कहना है कि वह जैसे ही वहां पहुंचा तो रुद्रनाथ ओझा, सागर सिंह और बजरंगी उर्फ बल्ली उसके दोस्त विशाल को उसके पास छोड़ कर सभी भाग निकले।
ब्राउन शुगर के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा
विवेक के राज उगलने के बाद पुलिस ने रुद्रनाथ ओझा, सागर और बल्ली को धर लिया। पूछताछ में तीनों टूट गये और अपना गुनाह कबूल कर लिया। तीनों ने पुलिस को बताया कि तीन मई की शाम करीब साढ़े 6 बजे ऑरियेन्ट के पीछे एक टूटे हुए घर में सभी बैठे थे। विशाल भी उनके था। सभी वहां ब्राउन शुगर टान रहे थे। विशाल का डोज कुछ ज्यादा हो गया था। वह बेसुध हो गया। इसके बाद विवेक को बुलाकर बेसुध विशाल को उसके हवाले कर सभी भाग निकले। कॉलेज स्टूडेंट विशाल की मौत के बाद राजधानी में एक्टिव ब्राउन शुगर के सौदागरों के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुुआ। पुलिस ने फौरी कार्रवाई करते हुए नशे के सौदागर रोहित कुमार और मनीओ कुमार को धर दबोचा। दोनों बड़े सौदागर माने जाते हैं। रोहित सदर थाना क्षेत्र के तिरिल और मनीष खोरहाटाली में रहता था।
इसे भी पढ़ें : तबाह होने से बच गई झारखंड की 11 बेटियों की जिंदगी, देखें कैसे
इसे भी पढ़ें : झारखंड में भी दिखेगा Cyclone मोचा का असर, पढ़ें IMD का नया अपडेट












