Kohramlive : इस साल जून में झमाझम बारिश होगी। सितंबर महीने तक आसमान खूब बरसने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, इस अवधि में सामान्य से 6 फीसदी अधिक वर्षा होने की संभावना है। यानि कुल 106 प्रतिशत होगी। यह अनुमान देश की दीर्घकालिक औसत वर्षा का 106 प्रतिशत है, जो कि अप्रैल में जारी 105 प्रतिशत के पूर्वानुमान से भी अधिक है। भारत की औसत मानसूनी वर्षा 868.6 मिमी मानी जाती है। इस साल आसमान ने अपना वादा वक्त से पहले निभा दिया। बीते 24 मई को मानसून ने केरल की धरती को छू लिया, एक हफ्ता पहले, एक इशारा कि इस बार बारिश उम्मीदों से भी आगे निकलने वाली है। ये 2009 के बाद सबसे जल्दी मानसून आगमन है। मध्य और दक्षिण भारत में सामान्य से अधिक बारिश की संभावना (106%+ LPA) है। उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश सामान्य रहने की उम्मीद है। वहीं, पूर्वोत्तर भारत में इस बार कम बारिश हो सकती है। अधिक वर्षा किसानों के लिए वरदान है, खरीफ फसलों की बुआई को बल मिलेगा। वहीं, चिंता की बात यह है कि ज्यादा पानी बाढ़, बीमारियां और पर्यावरणीय जोखिम भी साथ ला सकता है।
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