Kohramlive : गांव वालों मतलब VDG (विलेज डिफेंस गार्ड्स) ने कसमें खाई है कि किसी सूरत में आतंकवादियों को इलाके से भागने नहीं दिया जायेगा। गांव वालों की डिमांड पर अब इन्हें सेमीऑटोमैटिक हथियार जैसे इंसास और SLR देने की तैयारी चल रही है, वहीं कुछ जगहों पर दे भी दिये गये। पहले इन्हें .303 राइफल थमाये गये थे। वहीं, आतंकवादी अत्याधुनिक हथियारों जैसे एके-56 और एम-4 कार्बाइन से लैस है। विलेज डिफेंस गार्ड्स को इन हथियारों पर लगाने के लिये नाइट विजन डिवाइसेज भी दिये जायेंगे, ताकि रात के अंधेरे में भी आतंकियों का सामना कर सकें। VDG आतंकियों को खोज निकालने में सुरक्षाबलों की मदद में उनके साथ सर्च अभियान में शामिल रहते हैं।
1990 के दशक में गठित VDG को जम्मू-कश्मीर ने 15 अगस्त, 2022 को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी। VDG के सभी सदस्यों को सरकार वित्तीय मदद देती है। सभी VDG को ट्रेनिंग देने का आदेश जारी किया गया है। वहीं, सरकार नई रणनीति के तहत अतिरिक्त VDG सदस्यों की भर्ती करने की भी प्लानिंग कर रही है। ये भर्तियां उन इलाकों में की जायेंगी, जो आतंकवादी गतिविधियों के लिए सबसे अधिक संवेदनशील हैं। उन क्षेत्रों के युवाओं को VDG का सदस्य बनाया जायेगा। कई मौके पर VDG सदस्यों ने अपने जौहर दिखा चुके हैं।
इसे भी पढ़ें : जमीन माफिया कमलेश ED के पंजे में…
इसे भी पढ़ें : महिलाओं को मिलेगा हर महीने 1 हजार रुपये… जानें किन्हें
इसे भी पढ़ें : स्कूली बच्चों को पी’टने का केस गरमाया, क्या बोले अजय राय… देखें वीडियो
इसे भी पढ़ें : बिकने से पहले चोरी के बच्चे को पुलिस ने खोज निकाला…
इसे भी पढ़ें : एक जमाना था, चारों तरफ हरियाली ही हरियाली, क्या बोल गये CM… जानें
इसे भी पढ़ें : झारखंड विधानसभा मानसून सत्र स्थगित… कबतक जानें
इसे भी पढ़ें : 17 साल तक रो-रोकर समय बिताया, अब जाकर कलेजे को ठंडक मिली बाबू
इसे भी पढ़ें : कांवड़ मार्ग के दुकानदारों को नहीं लगानी होगी नेमप्लेट : SC
इसे भी पढ़ें : थाना में बेहतर बर्ताव और क्विक रिसपॉन्स पर होगा जोर : DGP
इसे भी पढ़ें : कार्यशाला में बाल अपराध रोकने पर जोर, जागरूक करने की जरूरत
इसे भी पढ़ें : गांव-देहात की 25 महिलाओं के खिल गये चेहरे… जानें क्यों
इसे भी पढ़ें : CM का बड़ा आदेश : विदेश से लौटे मजदूरों को दें काम






