कोहराम लाइव डेस्क : दुल्हन की विदाई के साथ होता विवाह संस्कार का समापन। भले दुल्हन पक्ष की आंखों में में आंसू होते हैं, पर यह दूल्हा-दुल्हन के लिए जीवन की नई शुरुआत है। जब विदाई के समय दूल्हे राजा देखते रह जाएं और दुल्हन को कोई और उड़ा कर ले जाए, तो आश्चर्य और दुख दोनों होते हैं। जी हां, हम बात कर रहे हैं बिहार के सहरसा जिले की, जहां ऐसी घी घटना सामने आई है।
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दूल्हे के साथ हुई दुल्हन की विदाई
प्राप्त जानकारी अनुसार, शहर से सटे एक गांव के लड़के की शादी तटबंध के अंदर एक गांव में तय हुई। लड़के और बाराती गाड़ी को तटबंध पर छोड़ बाइक और पैदल चचरी पुल पार कर दुल्हन के घर पहुंचे। रात भर बारातियों का स्वागत सत्कार होता रहा। विधि विधान से लड़के और लड़की की शादी की रस्म पूरी हुई। शादी संपन्न होने के बाद सुबह की बेला में बारात सहित दूल्हे के साथ दुल्हन की विदाई हो गई।
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दुल्हन को लेकर फरार हो गया दूसरा युवक
एक पड़ोसी लड़के ने तटबंध पर खड़ी गाड़ी पर बिठाने के लिए दूल्हा और दुल्हन को अपनी बाइक पर बैठा लिया। बीच रास्ते में लड़के ने दूल्हे को बाइक से उतारा और दुल्हन की साड़ी में बंधी गांठें खोल दुल्हन को लेकर फरार हो गया। दूल्हा बेचारा हक्का बक्का रह गया। पीछे से बारात पहुंची तो बिना दुल्हन के दुल्हे को कलपते देख हैरान परेशान हो गयी। इस बात की सूचना फिर दुल्हन के घर पहुंची। आनन-फानन दुल्हन और लडक़े की खोज खबर शुरू हुई। लेकिन कोई नहीं मिला। इधर, दूल्हे वालों के परिजन नाराज होने लगे। अंत में पंचायत बैठी मान-मनौव्वल हुआ और फिर दुल्हन के चढ़ावे के जेवर, अन्य सामग्री सहित गाड़ी भाड़ा देकर दूल्हे को बिना दुल्हन के बाराती को विदा कर दिया। बेचारा दूल्हा पगड़ी और शादी की धोती कपड़े उतारकर उदास मन से घर लौट गया।
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आरोपी लड़के की कहीं और होनेवाली थी शादी
बता दें कि आरोपी लड़के की भी गुरुवार को ही कहीं और शादी होने वाली थी। एक तरफ दूल्हा बिना अपनी दुल्हन लिए गांव लौट गया। दूसरी ओर हाथों में मेहंदी और सोलह श्रृंगार कर लड़की दूल्हे और बाराती का इंतजार करती रही। इस मामले को लेकर क्षेत्र में दिनभर चर्चा का विषय बना रहा। गांव में पंचायतें बैठी और फिर किसी तरह मामले को सुलझाया गया।




