प्यार, धोखा और भरोसे का खूनः खुद को अनाथ बता पहले दिल जीता, फिर कर दिया ये…

Date:

spot_img
📖भाषा चुनें और खबर सुनें:
🎙️कोहराम LIVE रेडियो

रांची : खुद को अनाथ बताकर इतना रोया-गिड़गिड़ाया कि उसके आंसू को पोंछने आ गयी चार बहनें। इन अनजान बहनों के मुख से सिर्फ इतना ही निकला कि भैया, तुम क्यों रो रहे हो। तेरे मां-बाप नहीं हैं क्या। मत रोइए भैया। तुम अब अनाथ नहीं, हमलोगों को अपनी बहन मान लो। तेरा सारा सुख दुख अपना होगा। कसम खाती हूं शुभम भैया आज से तेरा दुख हमारा। ये चारों बहनें मैट्रिक की परीक्षा लिखने अपने गांव से कोसों दूर पीपीके कॉलेज बुंडू के नजदीक भाड़े के एक मकान में रहने आयी थीं। चारों बहनों में सबसे खूबसूरत हीरा उर्फ सीता थी। एक दिन कंप्यूटर क्लास करने गयी हीरा को देख शुभम ने अपना पासा फेंका। उसके मुख से हौले से निकला कि अगर तुम हुस्न रखती हो तो दीवानगी हम भी रखते हैं। कसम पैदा करने वाले की तुझे अपना बना कर रहेंगे।

हीरा को जोर का झटका धीरे से लगा कि जिसे भैया समझे वह सैंया बनने का ख्वाब लेकर चला आया। आखिर हीरा हार गयी और शुभम के गले का हार बन गयी। तरह-तरह के सपने दिखा कर हीरा को उसके गांव से दूर रातू के कमड़े गांव लाया गया। यहीं हीरा की फुआ भी रहती है। कुछ महीनों के बाद हीरा अपनी एक बहन प्रियंका की शादी में अपने गांव गयी। तब हीरा की जुड़वां बहन मीरा ने उसे देख टोका कि अरे तेरा पेट इतना क्यों फूला हुआ है। कोई बीमारी है या कुछ और? बहन के बार-बार के सवाल को हीरा ज्यादा देर छुपा न सकी और सारा राज उगल दी। हीरा का पूरा परिवार माथा पकड़ लिया। पर हीरा ने साफ-साफ कह दिया कि वह शुभम को न भूल सकती है, न छोड़ सकती है। उसपर जान लुटाती है वह। कई तरह के सपने संजोए हीरा शुभम के साथ करीब एक साल से ज्यादा लिव-इन रिलेशनशिप में रही। दोनों चांडिल के एक मंदिर में शादी कर चुके थे। कुछ माह पहले हीरा को छोड़ शुभम सिंह मुंडा अपने गांव तेतला (सोनाहातू) लौट आया। इधर विरह की अग्नि में आहें भरती हीरा हर रोज शुभम को फोन कर अपने प्यार का वास्ता देती और सिर्फ इतना कहती-अब चले भी आओ, रहा नहीं जाता तेरे बिना।

इसे भी पढ़ें : BREAKING : एक मार्च से खुलेंगे कॉलेज, कोचिंग, पार्क व सिनेमाघर

एक दिन खुद हीरा निकल पड़ी घर से और पहुंच गयी शुभम के घर तक। शुभम के घर वाले बहुत नाराज हुए, तब हीरा भी जानी कि यह अनाथ नहीं, इसका तो पूरा परिवार साथ है। शुभम ने पास में ही रहने वाले अपने चाचा के घर में हीरा को रखा। इसके बाद शुभम हीरा को लेकर आदित्यपुर चला गया। वहीं सुदर्शन सिंह के मकान में बतौर किरायेदार रहने लगा। खुद शुभम ने अपने इकबालिया बयान में पुलिस के सामने खुलासा किया है उसने हीरा को रास्ते से हटाने का प्लान बना लिया था। बीते साल 20 जून की देर रात 2-3 बजे हीरा को नींद से जगाकर उसे बताया कि आज मैं बुंडू गया था। पता चला कि तुम्हारे पिता की तबीयत बहुत खराब है। तब हीरा बेचैन हो गयी और बोली कि जल्दी से फोन पर बात करा दो। तब शुभम ने कहा कि फोन पर क्या बात करोगी, चलो तुम्हें वहां ले चलता हूं। इसके बाद शुभम अपनी स्प्लेंडर बाइक से हीरा को लेकर निकला और रास्ते में एक पहाड़ी के पास रोक कर बोला कि तुम मुझे भूल जाओ और अपने घर चली जाओ। जवाब में हीरा गुस्सा कर चीखती है और कहती है, मैंने तुमसे शादी की है। तुम्हें छोड़कर कहीं नहीं जाऊंगी। तब शुभम ने सिर्फ इतना कहा, ठीक है, फिर दुनिया छोड़ दो। इसके बाद उसे ऐसी खतरनाक मौत दी जिसे सुन हर किसी की रूह कांप उठती है।

इसे भी पढ़ें : कभी भी अस्‍पताल में Admit हो सकती हैं करीना, जानें क्‍यों

इधर हीरा की बड़ी बहन सत्यभामा का कहना है कि शुभम झूठ बोल रहा है। हीरा को मारने से पहले शुभम और उसके कुछ दोस्तों ने उसके साथ दुराचार किया और फिर उसे मार कर जिंदा जला डाला। मारने के बाद उसे कोटाप पहाड़ की बड़ी चट्टानों के बीच गहरे गड्ढे में फेंक दिया गया था। करीब छह दिन बाद यानी 26 जून की सुबह साढ़े आठ बजे ग्रामीणों से मिली सूचना पर चौकीदार सुखलाल स्वांसी मौके पर पहुंचा। उस रोज मृतिका की पहचान नहीं हो पायी इसलिए मिली लड़की को लावारिस करार देते हुए पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेजा। सत्यभामा बताती है कि उड़ते उड़ते खबर आयी कि जिस लड़की की लाश मिली, वह उसकी बहन हीरा है। इसके बाद परिवार के लोग रिम्स पहुंचे। सत्यभामा के अनुसार लाश पूरी तरह जली हुई थी, लेकिन हाथ में पहने पीला कंगन और नाभि के पास लोहे से दगे निशान को देख उसने दावा किया कि वह उसकी बहन हीरा की ही लाश है। उसके परिवार में बचपन में ही नाभि के पास लोहे से दागने का रिवाज चला आ रहा है। उसने खुद और बाकी बहनों के पेट में दगे निशान को दिखाया।बहन की डेड बॉडी लेने के लिए साढ़े आठ हजार रुपया देना पड़ा। बॉडी को घर तक लाने के लिए एंबुलेंस चालक को ढाई हजार देना पड़ा।

इसे भी पढ़ें :  दो लड़कियों का प्यार चढ़ा परवान, और घर से हो गई फरार, फिर हुआ ये…

गरीब सत्यभामा को गहरा धक्का तब लगा, जब एक रिपोर्टर ने उसे ये कहा कि तेरे बोलने से खबर थोड़े ही छप जायेगी। शुभम मालदार युवक है, तेरे पास ‘माल’ है? जाओ यहां से। सबसे हैरान और चौंकाने वाली बात यह है कि हीरा को जला कर मारने का जिक्र न तो पुलिस द्वारा दायर अंतिम रिपोर्ट में है और न ही गिरफ्तार शुभम सिंह मुंडा के इकबालिया बयान में है। सिर्फ इस बात का जिक्र किया गया है कि घटनास्थल के पास से मृतिका का जला हुआ जूता, बैग, पर्स, समीज, फ्राक सूट, टूटा हुआ दो मोबाइल (एक लावा और एक सैमसंग कंपनी का), एक छोटा श्रृंगार बॉक्स एवं चाबी बरामद किये गये थे। इस कांड के अनुसंधानकर्ता सब इंस्पेक्टर मुकेश कुमार हेंब्रम नेहीरा को जलाने की बात को छुपाते हुए फाइनल चार्ज शीट दाखिल कर दिया। वहीं सत्यभामा ने संदेही जिन अभियुक्तों का नाम बताया था, उन्हें पुलिस गिरफ्तार कर थाना तो जरूर लायी, पर दो दिनों बात थाना हाजत से ही सभी को छोड़ दिया गया। सत्यभामा का आरोप है कि अब उसकी बहन की मौत की बोली लगायी जा रही है। उसे और उसके पिता को लालच दिया जा रहा है कि 10 लाख रुपया लेकर अपना मुंह बंद करो और इधर-उधर भटकना छोड़ दो। सत्यभामा ने एक बार नये सिरे से रांची पुलिस कप्तान सुरेंद्र कुमार झा और रूरल एसपी मो नौशाद आलम को लिखित रूप से सबकुछ बताया है और उसकी बहन का बेरहमी से खून करने में शामिल 15 लोगों के नाम और पता पुलिस को लिखित रूप से बता दिया है। क्या बोल गये रूरल एसपी मो नौशाद, उन्हें सुनें और समझें…

spot_img
spot_img
spot_img

Related articles:

1 जून से बढ़ जायेगा बस किराया…

Bihar : बिहार सरकार ने यात्री बसों के किराये...

अवैध कोयला लदा 407 जब्त…

Ranchi(Kuldeep Tiwari) : रांची से सटे ओरमांझी में अवैध...

गहरे नाले और गड्ढों में छुपाकर चल रही थीं भट्टियां ध्वस्त…

Hazaribagh(Krishna Paswan) : हजारीबाग में अवैध शराब के कारोबार...

“दिव्यांगों को उनका हक दिलाइये विधायक जी…”

Hazaribagh(Krishna Paswan) : ''हजारीबाग के बरही विधानसभा में ऐसे...

रांची में ब्राउन शुगर का बड़ा खेल बेनकाब…

Ranchi : राजधानी रांची के चुटिया थाना क्षेत्र स्थित...