रांची : जमीन के टुकड़े के लिए पारसनाथ को मौत के घाट उतार दिया गया। जमीन कारोबारी कृष्णा नायक ने सरस्वती पूजा के मूर्ति विसर्जन जुलूस को मौका बनाया। अपने ड्राइवर रहे मिथुन को पारसनाथ को श्मशान पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंप दी। मिथुन ने भी मौका देखा और भीड़ का फायदा उठाकर पारसनाथ बेदिया को मौत की नींद सुला दी। मिथुन ने सटाकर पारसनाथ के दाहिने कान में गोली मारी, जो उसके बाएं कान से निकल गई। पूरे मामले का खुलासा करने में विसर्जन जुलूस देख रही महिलाओं का बड़ा रोल रहा। महिलाओं ने ही पुलिस के कान में एक फूंक मारी और पुलिस मिथुन तक पहुंच गयी। जब पुलिस ने मिथुन से सख्ती से पूछताछ की तो उसने सारे राज उगल दिए। बताया कि कैसे एक जमीन के टुकड़े के लिए कृष्णा नायक ने पारसनाथ को रास्ते से हटवा दिया।
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पुलिस ने बताया कि मिथुन को कृष्णा ने इस घटना को अंजाम देने के लिए एक अत्याधुनिक पिस्टल दिया था, जो एकदम कम साउंड करता है। इसी से मिथुन ने भीड़ का फायदा उठाकर पारसनाथ को गोली मार दी। इस दौरान साक्ष्य को भी छुपाने की पूरी कोशिश की गई। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। जो भी दोषी होंगे जेल जाएंगे।
यहां याद दिला दें कि विसर्जन जुलूस के दौरान पिठोरिया के अंबाटोली गांव में बेदिया को गोली मार दी गई थी। खून से लथपथ बेदिया को नजदीक के अस्पताल में ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई थी। इस घटना के दूसरे दिन स्थानीय लोगों का गुस्सा उबाल पर आ गया था। गोलबंद लोग सड़क पर उतर आए थे और हत्यारे को अविलंब खोज निकालने और उसे फांसी देने की मांग कर रहे थे। पुलिस ने फौरी कार्रवाई करते हुए मिथुन नायक को गिरफ्तार कर लिया। मिथुन की निशानदेही पर उस पिस्टल को भी पुलिस ने खोज निकाला, जिससे बेदिया को गोली मारी गई थी।
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