UP (Harinarayan Chauhan) : बेटी खामोश थी। बाप मजबूर था, पर शकील जल्लाद बन गया था। वह कभी छड़ की दुकान खोलने के लिए मोटी पूंजी मांगता तो कभी ट्रैक्टर खरीदने को कहता। वहीं नई नवेली अपनी बेगम को डराता था कि अगर यह मन की मुराद उसकी पूरी नहीं हुई तो वह जीने का अधिकार खो देगी। उसे वह जान से मार देगा। कुछ ऐसे ही सुर शकील की अम्मा,अब्बू और उसकी बहन के भी थे। जैसा बोला ठीक वैसा ही शकील ने कर दिखाया। करीब एक साल पहले ब्याही तबस्सुम का गला घोंट उसे मार डाला। यह इल्जाम है तबस्सुम के एक करीबी रिश्तेदार का। तबस्सुम की मौत के बाद उसके घरवालों की हालत बहुत खराब है। इंसाफ की चाह में तबस्सुम के पिता ने थाना में लिखित अर्जी दी है। यह लोमहर्षक घटना यूपी के बहराइच के रिसिया थाना क्षेत्र के पंचपुरवा गांव में हुई। तबस्सुम का मायके नवावगंज थाना क्षेत्र के छेदा गांव में है।
तबस्सुम बीते कल दिन के 4 बजे अपने अब्बू को फोन कर बोली मुझे कुछ गरम कपड़े खरीद दो। यहां ठंड “भी” सताती है। तब अब्बू बिटिया के मुख से निकले “भी” के जोर पर गौर नहीं कर सके। उन्हें लगा सबकुछ ठीक-ठाक है, बेटी खुशहाल की जिंदगानी बिता रही है। उन्होंने बेटी के लिए कुछ गरम कपड़े खरीद लिए। कुछ ही देर बाद घर में आयी एक मनहूस खबर ने घर में तहलका मचा दिया। घर के ज्यादातर लोग भागे-भागे बेटी तबस्सुम के ससुराल पहुंचे। घर में कोई नहीं था। तबस्सुम के ससुराल वाले घर से गायब थे। घर में केवल बेटी तबस्सुम की डेड बॉडी मिली। सहसा तबस्सुम के घरवालों को बीते लम्हों के जुल्मों सितम की गाथा याद आने लगी। कैसे तबस्सुम को दहेज के लिए रुलाया, सताया और टॉर्चर किया जाता था। सुनें क्या बोले मारी गयी तबस्सुम के परिवार के एक सदस्य…
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