spot_img
spot_img
spot_img

सुरेंद्र कोली को मिली सजा-ए-मौत, जानिए क्या है मामला

Date:

spot_img
spot_img
📖भाषा चुनें और खबर सुनें:
🎙️कोहराम LIVE रेडियो

NOIDA : नोएडा के फेमस निठारी कांड  के आखिरी मामले में CBI कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए मुख्य अभियुक्त सुरेंद्र कोली को मौत की सजा सुनाई है। इस मामले के आरोपी मोनिंदर सिंह पंधेर को देह व्यापार के धंधे में दोषी पाए जाने पर 7 साल की सजा सुनाई गई है। बता दें कि दोनों ही आरोपी डासना जेल में कई मामलो में पहले से ही सजा काट रहे हैं। मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली को 13 मामलों में मौत की सजा और 3 मामलों में साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया था। अब तक सिर्फ 1 ही मामले में उसे राष्ट्रपति द्वारा याचिका खारिज होने के बाद मेरठ में फांसी दी जानी थी, लेकिन फिर इस फांसी को भी सुप्रीम कोर्ट ने देरी होने की वजह से निरस्त कर दिया था।

कई मामले सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में पेंडिंग

एक और मामले में हाई कोर्ट की ओर से फांसी में देरी मानते हुए उसकी सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया था। CBI कोर्ट से फांसी की सजा होने के बाद इस समय अधिकांश मामले HC और SC में पेंडिंग हैं।

क्या है पूरा मामला

साल 2006 में निठारी गांव की कोठी नंबर D-5 से 19 बच्चों और महिलाओं के मानव कंकाल मिले थे। कोठी के पास नाले से बच्चों के अवशेष भी मिले थे। इस निठारी कांड का खुलासा लापता लड़की पायल की वजह से हुआ था। उस समय यह मामला काफी सुर्खियों में रहा था। कहा गया था कि यहां से मानव शरीर के हिस्सों के पैकेट मिले थे, साथ ही नरकंकालों को नाले में फेंका गया था। उत्तराखंड का रहने वाला सुरेंद्र कोली डी-5 कोठी में मोनिंदर सिंह पंढेर का नौकर था। परिवार के पंजाब चले जाने के बाद दोनों कोठी में रह रहे थे।

पहले भी हो चुकी है फांसी को कोशिश

इससे पहले भी एक बार सुरेंद्र कोली को फांसी दिए जाने की तैयारियां पूरी कर ली गई थीं, लेकिन 9 सितंबर 2014 को जब मेरठ जेल में फांसी दी जानी थी तभी सुरेंद्र कोली की फांसी पर रोक से संबंधित सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर जेल प्रशासन को तड़के तकरीबन 4 बजे मेरठ के डीएम के जरिए मिला। उस समय भी कोली को मेरठ जेल की एक हाई सिक्यॉरिटी बैरक में रखा गया था। तब भी उसकी फांसी की तमाम तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी थीं।

13 मामलों में हो चुकी है फांसी की सजा

बता दें कि कुल 19 मामलों में से 3 मामलों में साक्ष्य न मिलने की वजह से क्लोज कर दिया गया और अब तक कुल 16 मामलों में फैसला आया। इनमें से 13 मामलों में सुरेंद्र कोली को सजा-ए-मौत दी गई और 3 मामलों में बरी किया जा चुका है। इसके अलावा दूसरे अपराधी मोनिंदर पंढेर को दो मामलों में फांसी, 4 में बरी और 1 में सात साल कारावास की सजा हुई।

इसे भी पढ़ें : करोड़पति ठेकेदार उठा रहे थे 1 रुपईया वाला अनाज… देखें क्‍या हुआ

इसे भी पढ़ें : 48 घंटे के अंदर अवैध बस और टैक्सी स्टैंड हटाने का आदेश जारी…

इसे भी पढ़ें : मां की दुआओं और संघर्ष का असर, 31 साल बाद बाहर आया बेटा… देखें

 

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img

Related articles:

UPSC की असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा 19 जुलाई को…

Kohramlive : देश की सीमाओं की रक्षा करने, आतंकवाद...

अब एयरपोर्ट पर लगेंगे फुल बॉडी स्कैनर, शुरू हुआ ट्रायल…

Kohramlive : भारत के एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की सुरक्षा...

ट्रंप टैरिफ का खेल खत्म, भारत को मिल सकते हैं 94,649 करोड़ रुपये…

Kohramlive : कभी दुनिया की सबसे ताकतवर अर्थव्यवस्था की...

भारत में लॉन्च हुआ Redmi Turbo 5, 7540mAh बैटरी बनी सबसे बड़ी ताकत

Kohramlive : स्मार्टफोन बाजार में प्रतिस्पर्धा के बीच शाओमी...

स्लोवाकिया के सर्वोच्च सम्मान से नवाजे गये PM मोदी, बनाया रिकॉर्ड…

New Delhi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्लोवाकिया के...