Kohramlive : NEET पेपर लीक विवाद के बीच पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री और BJP के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र प्रधान ने पहली बार अपने इस्तीफे और Gen-Z के आंदोलन पर खुलकर बात की है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान युवाओं को गुमराह करने की कोशिश हुई। इसी वजह से उन्हें पद छोड़ने का फैसला करना पड़ा। प्रधान ने कहा कि “Gen-Z हमारे बच्चे हैं। कुछ लोगों ने उन्हें गुमराह करने की कोशिश की।” उन्होंने साफ किया कि उन्हें खुद कोई व्यक्तिगत परेशानी नहीं थी। उनका कहना था कि देश के युवाओं की अपनी आकांक्षायें हैं और यही युवा भारत को विश्व गुरु बनाने में अहम भूमिका निभायेंगे।
‘मंत्री पद मेरे लिए जरूरी नहीं था’
धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संपर्क किया था। इसके बाद केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफे की पेशकश की। उन्होंने कहा कि मंत्री का पद उनके लिए जरूरी नहीं था। प्रधान ने 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था। ओडिशा के रायराखोल में एक कार्यक्रम के दौरान प्रधान ने पूर्व मुख्यमंत्री और BJD अध्यक्ष नवीन पटनायक पर भी निशाना साधा। उन्होंने BJD कार्यकर्ताओं के विरोध और ‘धर्मेंद्र प्रधान गो बैक’ के नारों पर कहा कि वह इससे परेशान नहीं हैं। प्रधान ने कहा, “मैं एक किसान का बेटा हूं। अगर आप मुझे वापस जाने के लिए भी कहेंगे, तो मैं वापस आऊंगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में युवाओं को शामिल किया जा रहा है। प्रधान ने सवाल किया कि क्या उन्होंने कभी ऐसा काम किया है, जिससे ओडिशा के लोगों को शर्मिंदगी उठानी पड़े।
VIDEO | Sambalpur, Odisha: “I approached Prime Minister Narendra Modi and offered to resign from the Union Council of Ministers,” says former Education Minister Dharmendra Pradhan on protests over the NEET paper leak issue.
(Source: Third Party)
(Full video available on PTI… pic.twitter.com/8KS3qh4SFS
— Press Trust of India (@PTI_News) August 9, 2026















