देखिये, कैसे खूनी दीपक मारने के बाद किया था लाश से रेप
“पाताल लोक” से सीखा था खून करने का तरीका
नीरज ठाकुर
रांची : एक साथ चार लोगों का खून कर जमशेदपुर को हिला देने वाला कातिल दीपक कुमार आज सुसाइड करने वाला था। इसके लिए उसने पूरी तैयारी कर रखी थी। एक ब्लेड भी खरीद लिया था। धनबाद के एक होटल में कमरा भी बुक करा लिया था। उसके पास करीब दो लाख 30 हजार रूपये थे। ये रुपये वह अपने बड़े भाई के अकाउंट में जमा कर खुद को निपटा लेने की पूरी तैयारी कर रखा था। कल पूरा पैसा जमा नहीं कर पाया। योजना थी आज शेष बचे 80 हजार रुपये जमा करने के बाद सीधे होटल के कमरे में आता और वहां खुद का गला ब्लेड से रेत लेता। यह सनकी दीपक वही है जिसने 12 अप्रैल को अपनी पत्नी, दो बच्चों और टीचर का खून कर फरार हो गया था।
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सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि दीपक वेब सीरीज “पाताल लोक” देख खून करने का तरीका सीखा था। इस फिल्म में हथौड़ा त्यागी नामक किरदार को अपना गुरु माना। यहीं सीखा और एक के बाद एक चार लोगों को मिनटों में निपटा डाला। हालांकि टीचर रिंकी घोष का खून करने का इरादा उसने नहीं बनाया था। वह सिर्फ टीचर की स्कूटी का इस्तेमाल करना चाहता था, ताकि वह अपने मिशन को पूरा कर सके। उसके टारगेट में था जिगरी दोस्त रोशन और उसका मामा प्रभु। इन दोनों का वह मर्डर करना चाहता था क्योंकि बिजनेस में हुए लाखों रुपये के घाटा का गुनहगार इन दोनों मामा भगिना को ही मानता था। टीचर का कसूर सिर्फ यह था कि उसने घर के अंदर मारी गई पत्नी वीणा कुमारी और दोनों बेटियों श्रावणी उर्फ दीया और सानवी की डेड बॉडी को देख लिया था। इस वजह से टीचर को भी नहीं छोड़ा। खून करने के दरम्यान उसने महापाप भी किया। टीचर रिंकी घोष को गला घोंटकर मार डाला, धर-पकड़ के समय ही उसकी नियत डोली और टीचर को मारने के बाद उसके साथ कर दिया रेप। यह राज तब बेनकाब हुआ जब धनबाद पुलिस ने दीपक को धर दबोचा। दीपक ने खुलासा किया कि वह अपने जिगरी दोस्त रोशन और उसके मामा प्रभु का खून करना चाहता था। उसे यह आशंका थी कि खून करने के बाद वह पकड़ा जाएगा और उसका परिवार मुसीबत में आ जाएगा। इस वजह से उसने सबसे पहले अपनी पत्नी वीणा और दो मासूम बेटियों को हथौड़ा से मारकर लहूलुहान कर दिया और फिर गला घोंट मार डाला। वहीं टीचर ने इन तीन डेड बॉडी को देख लिया तो उसे भी नहीं छोड़ा। भागने के बाद वह टाटा, पूरी, रांची और धनबाद में बेखौफ घूमता रहा। उसके मोबाइल और उसके एटीएम कार्ड को ट्रेस पर रखा था। वह जैसे ही धनबाद के हीरापुर के एचडीएफएसी बैंक में रुपये जमा करने कतार में खड़ा था, तभी पुलिस ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। कोल्हान के डीआईजी राजीव रंजन ने गिरफ्तार दीपक कुमार को “साइको किलर” करार दिया है। इस कांड को सुलझाने में डीआइजी और जमशेदपुर एसपी की सराहनीय भूमिका रही।
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