UP : शादी-ब्याह के मुहूर्त के भी अजीब-अजीब इत्तेफाक होते हैं। जो महिला-पुरुष 28 साल लिव इन रिलेशन में रहे। उनके नाती-पोते हो गए, उसके बाद निकला शुभ विवाह का मुहूर्त। विधिवत शादी हुई। मेहमान आमंत्रित किए गए और विवाह में बेटा-बेटी और बहू ही नहीं, नाती-पोते भी शामिल हुए। ऐसी शादी का अवसर उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के जामो थाना क्षेत्र के खुटहना गांव में देखने को मिला। यहां 65 साल के व्यक्ति का 60 साल की उम्र की महिला से पूरे विधि-विधान से विवाह हुआ। 28 साल तक लिव-इन में रहने के बाद बुजुर्ग शादी के बंधन में बंधने को लेकर काफी खुश नजर आए।
Read More : मुठभेड़ के बाद पुलिस के हत्थे चढ़े नंदू गैंग के 4 शूटर, नहीं धराते तो कारोबारी को…
शादी की रस्में हिंदू रीति-रिवाज के अनुरूप अदा की गईं
गांव के 65 वर्षीय मोतीलाल के घर पर रिश्तेदारों की भीड़ जुटी थी। यह भीड़ बुजुर्ग मोतीलाल के वैवाहिक समारोह की थी। वह अपने साथ 28 साल से लिव-इन में रह रहीं 60 वर्षीय मोहिनी देवी से विवाह रचा रहे थे। इस शादी में उनकी बेटियों से लेकर बहू और नाती-पोते खुशियां मनाते दिखाई दिए। बहू-बेटियां और नाती-पोते सभी मोतीलाल की बारात में बाराती बने। गांव में हुई शादी में ढ़ोलक की थाप पर गाने-बजाने भी हुए। शादी की रस्में हिंदू रीति-रिवाज के अनुरूप अदा की गईं।

Read More : डकैती और फिरौती की बना रहे थे योजना, पुलिस ने चार को दबोचा, दो फरार
रात में सात फेरे लेकर रिश्ते को दी धार्मिक मान्यता
रात के समय मोतीलाल और मोहिनी देवी ने सात फेरे लेकर अपने रिश्ते को धार्मिक मान्यता दी। मोतीलाल बताते हैं कि करीब 28 वर्ष पूर्व वो मोहिनी देवी को साथ लेकर आए थे, लेकिन उसके साथ ब्याह इस कारण से नहीं रचाया क्योंकि बेटी-बेटों के शादी-ब्याह में समस्या आएगी। मोतीलाल ने बताया कि समाज ने उनको और उनकी पत्नी को अपनाया था। उन्होंने बताया कि अब जब हमने खुद की बेटियां और बेटे ब्याह दिए और वो भी बाल-बच्चे वाले हो गए तो हमने मोहिनी के साथ विवाह रचा कर अपना जीवन पूर्ण किया है।
Read More : गर्लफ्रेंड से करता था छेड़खानी तो दोस्त ने सिर में मार दी गोली

बेटियों ने कहा, बहुत अच्छा लग रहा
मोतीलाल की प्रिया और सीमा नाम की दो बेटियां हैं, जो पिता की शादी में बाराती बनी हैं। प्रिया और सीमा ने कहा कि उन्हें खुशी हो रही है। बहुत अच्छा लग रहा है, शादी में शामिल होते हुए। मोतीलाल की पत्नी मोहिनी ने बताया कि वो मकदूमपुर गांव की रहने वाली हैं। मोतीलाल की शादी की रस्में पूरी कराने वाले पंडित तेज राम पांडेय ने बताया कि इनकी शादी नहीं हुई थी। हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार बिना विवाह पैदा होने वाली संतान का किया गया श्राद्ध व तर्पण पिता-माता को नहीं मिलता। इसीलिए इन्होंने इस उम्र में शादी की है।













