Ranchi : सितमगर सीमा पात्रा को 12 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। सीमा पात्रा को आज सुबह गिरफ्तार किया गया था। वो अपने घर में पकड़ी गई थी। उसका घर राजधानी रांची के सबसे पॉश इलाका अशोक नगर में है। सीमा कल घर से गायब थी। देर रात अपने घर लौटी थी। इस बात की जानकारी मिलते ही आज भोर में पुलिस ने धावा बोला और उसे दबोच लिया। यह छापामारी हटिया DSP राजा मित्रा ओर अरगोड़ा के थानेदार विनोद कुमार के नेतृत्व में की गई। भाजपा से निकाली गई सीमा पात्रा के पति रिटायर्ड IAS अधिकारी है। गुनाहगार सीमा पात्रा के जुल्मों की कहानी सामने लाने में उनके बेटे और दोस्त विवेक की सराहनीय भूमिका रही।

यहां याद दिला दें कि सीमा पात्रा पर अपनी घरेलू नौकरानी को सताने, रुलाने और टॉर्चर करने का इल्जाम है। बीते कई सालों से उसे घर में बंधक बनाकर रखा गया था। जुल्मों सितम की शिकार सुनीता जब कभी घर जाने की बात करती तो उसे बेतरह मारा पीटा जाता था । इल्जाम है कि रॉड से मारकर उसके दांत तक तोड़ दिए गए। जीभ से गंदा पानी पोंछने को कहा जाता था। कई दिनों तक उसे खाना पीना नहीं दिया गया। पुलिस द्वारा मुक्त करायी गयी सुनीता ने खुद अपने बयान में इन सारी बातों का खुलासा किया है। सुनीता का दुखड़ा सुन पुलिस भी दंग रह गई थी। सुनीता ने कई सालों तक धूप तक नहीं देखी। बहुत बीमार हो गई थी। उसका इलाज तक नहीं कराया जाता था। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सीमा पात्रा के कहर को देख उसका बेटा तक दहल गया। तब बेटा अपने एक दोस्त विवेक आनंद बासके की मदद से बंधक बनाई गई सुनीता को मुक्त कराने में कामयाब रहा। बेटे की इस बगावत पर मां सीमा ने अदावत ले ली। बेटे को रिनपास तक पहुंचा दिया।

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